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इजराइल का कतर में हमास पर हवाई हमला और 1 अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

“इजराइल का कतर में हमास ठिकानों पर हवाई हमला मध्यपूर्व में नई रणनीतिक चाल”


परिचय

9 सितंबर 2025 को इजराइल ने कतर की राजधानी दोहा में हमास के नेतृत्व पर एक बड़ा हवाई हमला किया, जो न केवल सैन्य दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण था, बल्कि कूटनीतिक और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी गहरा प्रभाव डालने वाला था। यह हमला उस समय हुआ जब हमास के नेता गाजा संघर्ष विराम प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे थे, जिससे इस हमले की रणनीतिक और कूटनीतिक जटिलताएँ बढ़ गईं।


हमले का विवरण

9 सितंबर 2025 को इजराइल ने कतर की राजधानी दोहा में हमास के ठिकाने पर एक सटीक और सुनियोजित हवाई हमला किया। यह हमला न केवल सैन्य रणनीति का परिणाम था, बल्कि इसके पीछे गहरी कूटनीतिक और सुरक्षा संबंधी सोच भी थी।

1. हमले की योजना और तैयारी

इजराइल की वायु सेना ने महीनों की गुप्त निगरानी और सटीक जानकारी के बाद इस हमले को अंजाम दिया। हमले की योजना में इजराइली इंटेलिजेंस ने हमास के नेताओं की गतिविधियों का अध्ययन किया और उनके मुख्यालय और सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत मानचित्र तैयार किया।

2. हमले का निशाना

हमले का मुख्य लक्ष्य हमास के राजनीतिक ब्यूरो का मुख्यालय था, जो दोहा के लेकतिफ़िया जिले में स्थित था। इसमें शामिल थे:

हमले में अल-हैया के बेटे हिमाम, उनके कार्यालय निदेशक जिहाद अबू लबल, तीन अंगरक्षक और एक क़तरी सुरक्षा अधिकारी की मौत हुई। हालांकि, हमास के शीर्ष नेता इस हमले में सुरक्षित रहे।

3. हमले का तकनीकी विवरण

इजराइल ने हमले में अत्याधुनिक बम और हाई-प्रिसिजन मिसाइल का उपयोग किया। हमले के दौरान:

4. स्थानीय प्रतिक्रिया

हमले के तुरंत बाद दोहा के स्थानीय निवासी दहशत में थे।

5. हमले का रणनीतिक महत्व

हमले का समय और लक्ष्य दोनों रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण थे।

6. अंतरराष्ट्रीय ध्यान

हमले के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया और कूटनीतिक समुदाय ने इस घटना पर ध्यान केंद्रित किया।

इजराइल की सेना ने दोहा के लेकतिफ़िया जिले में स्थित एक आवासीय परिसर पर 15 लड़ाकू विमानों द्वारा 10 बम गिराए। यह परिसर हमास के राजनीतिक ब्यूरो का मुख्यालय था, जहाँ शीर्ष नेता जैसे ख़लील अल-हैया, ज़ाहिर जबरिन, मुहम्मद इस्माइल दरवेश, और ख़ालिद मशाल उपस्थित थे। हमले में अल-हैया के बेटे हिमाम, उनके कार्यालय निदेशक जिहाद अबू लबल, तीन अंगरक्षकों और एक क़तरी सुरक्षा अधिकारी की मृत्यु हो गई। हालांकि, हमास के शीर्ष नेता इस हमले में बच गए। Wikipedia


कूटनीतिक प्रतिक्रिया

1. कतर की प्रतिक्रिया

कतर ने इस हमले को “सर्वथा अवैध और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन” बताया। कतर की विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि यह हमला कतर की संप्रभुता और सुरक्षा को सीधे चुनौती देता है। कतर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इजराइल की इस कार्रवाई की निंदा करने और कतर के खिलाफ ऐसे आक्रामक कदमों को रोकने की अपील की।

2. संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने हमले को “क़तरी संप्रभुता का उल्लंघन” बताया और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालती है और भविष्य में शांति प्रक्रिया को कठिन बना सकती है।

3. अमेरिका और पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया

अमेरिका ने हमले पर “अफसोसजनक घटना” कहा और सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया। अमेरिकी विदेश विभाग ने यह भी कहा कि अमेरिका को हमले की पूर्व जानकारी बहुत सीमित मिली थी और वह क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए कतर और इजराइल दोनों से बातचीत कर रहा है।

यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने भी हमले की निंदा की। यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि यह हमला क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति के लिए खतरा है। फ्रांस और जर्मनी ने कहा कि मध्य पूर्व में तनाव और हिंसा को बढ़ाने वाले कदमों से परहेज किया जाना चाहिए।

4. मध्य पूर्व के पड़ोसी देशों की प्रतिक्रिया

मिस्र, तुर्की और सऊदी अरब जैसे देश भी इस हमले पर गंभीर चिंता व्यक्त कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इजराइल की इस कार्रवाई से गाजा संघर्ष विराम वार्ता पर प्रतिकूल असर पड़ा है और यह क्षेत्रीय शांति प्रयासों के लिए खतरा है।

5. संघर्ष विराम वार्ता पर प्रभाव

हमले के समय हमास गाजा संघर्ष विराम पर कतर के मध्यस्थता प्रयासों के तहत चर्चा कर रहा था। इस हमले से यह वार्ता ठप्प हो गई और कतर ने अपनी मध्यस्थता की भूमिका पर पुनर्विचार करने का संकेत दिया।

6. वैश्विक प्रतिक्रिया का महत्व

इस हमले के बाद दुनिया भर में मीडिया और नीति विश्लेषकों ने इस घटना को मध्य पूर्व की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून के दृष्टिकोण से गंभीर माना। यह दिखाता है कि एक सीमित सैन्य कार्रवाई भी वैश्विक राजनीति और कूटनीतिक संबंधों पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है।

कतर ने इस हमले को “अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानदंडों का घोर उल्लंघन” बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने इसे “क़तरी संप्रभुता का उल्लंघन” और “क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा” बताया। यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इसे क़तरी संप्रभुता का उल्लंघन और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया। अमेरिका ने इस हमले को “अफसोसजनक घटना” करार दिया, जबकि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल की आलोचना की


इजराइल का रुख

1. आत्मरक्षा का दावा

इजराइल सरकार ने हमले को “हमास के खिलाफ आत्मरक्षा” के रूप में प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने बयान दिया कि गाजा क्षेत्र में हाल ही में हुए हमलों और जेरूसलम में चार इजराइली सैनिकों की मौत के जवाब में यह कार्रवाई आवश्यक थी।

2. वैधता और अंतरराष्ट्रीय कानून

इजराइल ने अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना करते हुए भी हमले की वैधता पर जोर दिया। उनका कहना है कि हमास एक आतंकवादी संगठन है और इसका मुख्यालय दोहा में होना सुरक्षा खतरे को बढ़ाता है।

3. रणनीतिक संदेश

इस हमले के माध्यम से इजराइल ने न केवल हमास को चेतावनी दी, बल्कि कतर और अन्य मध्यस्थ देशों को भी स्पष्ट संदेश भेजा कि वह अपनी सुरक्षा नीतियों में किसी समझौते के बिना प्रतिबंधों को स्वीकार नहीं करेगा।


क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव

यह हमला कतर की सुरक्षा को चुनौती देने वाला था, जो न केवल एक अमेरिकी सहयोगी है, बल्कि मध्यस्थता की भूमिका भी निभाता है। इससे गाजा संघर्ष विराम वार्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, क्योंकि कतर ने इस हमले के बाद अपनी मध्यस्थता की भूमिका पर पुनर्विचार करने की संभावना जताई है

इजराइल का कतर में हमास के ठिकाने पर हवाई हमला न केवल सैन्य दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण था, बल्कि यह कूटनीतिक और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी गहरा प्रभाव डालने वाला था। इससे यह स्पष्ट होता है कि इजराइल अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है, जबकि कतर और अन्य देशों के लिए यह एक गंभीर चुनौती प्रस्तुत करता है। इस हमले के परिणामस्वरूप क्षेत्रीय स्थिरता और शांति प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न उठते हैं, जिन्हें समय रहते संबोधित करना आवश्यक होगा।

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