कोलकाता में भारी बारिश और जलभराव एक विस्तृत विश्लेषण

23 सितंबर 2025 को कोलकाता और इसके उपनगरों में हुई मूसलधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। रातभर की लगातार बारिश के कारण शहर की सड़कों पर जलभराव हो गया, जिससे यातायात ठप हो गया और कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। इस आपदा में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए।
भारी बारिश का कारण

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण यह भारी बारिश हुई। IMD ने 26 सितंबर तक दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है, जो दुर्गा पूजा के त्योहारों के दौरान और भी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। The Times of India
बारिश के आंकड़े
कोलकाता नगर निगम (KMC) के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई:
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गरिया कामदाहरी: 332 मिमी
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जोधपुर पार्क: 285 मिमी
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कालीघाट: 280 मिमी
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टॉप्शिया: 275 मिमी
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बालीगंज: 264 मिमी
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चेतला: 262 मिमी
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मोमिनपुर: 234 मिमी
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चिंगरीहाटा: 237 मिमी
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पामर बाजार: 217 मिमी
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धापा: 212 मिमी
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सीपीटी नहर: 209.4 मिमी
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उल्टाडांगा: 207 मिमी
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कुदघाट: 203.4 मिमी
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पागलडांगा (टंगरा): 201 मिमी
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कुलिया (टंगरा): 196 मिमी
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थन्थानिया: 195 मिमी
कुल मिलाकर, कोलकाता में 24 घंटे में 247.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो एक रिकॉर्ड है।
यातायात और परिवहन पर प्रभाव
भारी बारिश के कारण कोलकाता में यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई:
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मेट्रो सेवाएं: शाहिद खुदीराम और मैदान स्टेशनों के बीच मेट्रो सेवाएं सुरक्षा कारणों से निलंबित कर दी गईं। दक्षिणेश्वर और मैदान के बीच सीमित सेवाएं जारी रहीं। रेलवे अधिकारियों ने जलभराव को निकालने के लिए पंप लगाए, लेकिन निचले इलाकों से पानी वापस रेलवे यार्ड में आ रहा था, जिससे स्थिति और बिगड़ी।
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सड़क यातायात: कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव के कारण वाहनों की आवाजाही रुक गई। पार्क स्ट्रीट, साल्ट लेक और अन्य प्रमुख इलाकों में पानी भरने से ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई।
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हवाई यात्रा: इंडिगो, स्पाइसजेट और अन्य एयरलाइनों ने कोलकाता के लिए यात्रा सलाह जारी की, क्योंकि मौसम की स्थिति के कारण उड़ानों में देरी या रद्दीकरण की संभावना थी।
जलभराव और आपातकालीन स्थिति
भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया:
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घरेलू जलभराव: गरिया कामदाहरी, जोधपुर पार्क, कालीघाट, टॉप्शिया और बालीगंज जैसे क्षेत्रों में घरों और आवासीय परिसरों में पानी घुस गया। यह स्थिति विशेष रूप से उन क्षेत्रों में गंभीर थी, जहां जल निकासी की व्यवस्था अपर्याप्त थी।
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आपातकालीन सेवाएं: कोलकाता नगर निगम और अन्य संबंधित एजेंसियों ने जलभराव को कम करने के लिए पंप लगाए और राहत कार्य शुरू किए। हालांकि, लगातार बारिश के कारण स्थिति में सुधार में समय लग रहा है।
सुरक्षा और प्रशासनिक कदम
आपातकालीन सेवाओं ने स्थिति को संभालने के लिए कई कदम उठाए:
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मृत्यु और घायल: कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। अधिकांश मौतें जलभराव वाले क्षेत्रों में करंट लगने के कारण हुईं।
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शैक्षणिक संस्थान: कोलकाता विश्वविद्यालय और जादवपुर विश्वविद्यालय ने भारी बारिश के कारण सभी शैक्षणिक गतिविधियों को रद्द कर दिया। इसी तरह, भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (IISER) ने भी अपनी मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं स्थगित कर दीं।
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बिजली आपूर्ति: बिजली आपूर्ति में व्यवधान के कारण कई क्षेत्रों में अंधेरा छा गया। बिजली विभाग ने मरम्मत कार्य शुरू किया है, लेकिन जलभराव के कारण कार्य में देरी हो रही है।
दुर्गा पूजा पर प्रभाव
दुर्गा पूजा के त्योहारों के मद्देनजर, यह स्थिति और भी गंभीर हो गई है:
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पंडालों में जलभराव: कई दुर्गा पूजा पंडालों में पानी घुस गया, जिससे मूर्तियों और सजावट को नुकसान पहुंचा। यह स्थिति आयोजकों और श्रद्धालुओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
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आयोजन स्थगन: कुछ आयोजकों ने जलभराव के कारण अपने कार्यक्रमों को स्थगित या पुनर्निर्धारित किया है। यह स्थिति त्योहार की खुशियों को प्रभावित कर रही है।
भविष्यवाणी और तैयारी
IMD ने 26 सितंबर तक दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसलिए, नागरिकों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है:
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जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें: जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, क्योंकि करंट लगने का खतरा रहता है।
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सड़क यातायात में सावधानी: सड़क पर जलभराव होने पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और गति कम रखें।
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आपातकालीन सेवाओं से संपर्क: आपातकालीन स्थिति में 100 या 108 पर संपर्क करें।
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मौसम अपडेट पर नजर रखें: IMD और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी मौसम अपडेट पर ध्यान दें।
कोलकाता में 23 सितंबर को हुई भारी बारिश ने शहर को बुरी तरह प्रभावित किया। जलभराव, यातायात व्यवधान, बिजली आपूर्ति में रुकावट और दुर्गा पूजा आयोजनों पर असर ने स्थिति को और जटिल बना दिया। IMD द्वारा जारी अलर्ट और प्रशासनिक कदमों के बावजूद, नागरिकों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की आवश्यकता है। आशा है कि स्थिति शीघ्र सामान्य होगी और त्योहारों की खुशियाँ फिर से लौटेंगी।
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