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दवाइयों पर निर्भरता छोड़ें: योगासन से पाएं प्राकृतिक स्वास्थ्य और सुकून

स्वस्थ शरीर और मन के लिए योगासन का महत्व

योगासन

योग भारतीय संस्कृति का अनमोल खजाना है। यह सिर्फ एक व्यायाम पद्धति नहीं बल्कि एक समग्र जीवनशैली है, जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने का साधन है। हजारों साल पहले हमारे ऋषि-मुनियों ने योग का विकास केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नहीं बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति के लिए किया। आज के समय में जब लोग मानसिक तनाव, अवसाद, थकान और असंतुलित जीवनशैली का सामना कर रहे हैं, तब योग न सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखने का साधन है बल्कि आत्मिक शांति का भी मार्ग है।

योग का इतिहास और उत्पत्ति

योग का इतिहास लगभग पाँच हजार वर्षों से भी अधिक पुराना है। वेदों और उपनिषदों में योग का उल्लेख मिलता है। पतंजलि के योगसूत्र योग का सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है। पतंजलि ने योग को आठ अंगों में विभाजित किया — यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि।

भारत के ऋषि-मुनि मानते थे कि योग का अभ्यास शरीर, मन और आत्मा को एक साथ जोड़ता है। प्राचीन काल में योग का उपयोग आत्मज्ञान प्राप्त करने और ब्रह्मांड के साथ एकरूपता का अनुभव करने के लिए किया जाता था।

आज योग एक वैश्विक स्वास्थ्य पद्धति बन चुका है। विश्वभर में लाखों लोग योग का अभ्यास कर अपनी जीवनशैली सुधार रहे हैं।


योगासन का महत्व

योग का महत्व केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, यह मन को शांत और आत्मा को प्रसन्न बनाता है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति अनुशासित, आत्मविश्वासी और मानसिक रूप से मजबूत बनता है।

योग का अभ्यास आधुनिक समय में इसीलिए और भी आवश्यक है क्योंकि:


 सुबह योगासन का महत्व

सुबह योग करना सबसे फायदेमंद माना जाता है क्योंकि सुबह का वातावरण शुद्ध और ऊर्जा से भरपूर होता है। खाली पेट योग करने से इसका प्रभाव दोगुना हो जाता है।

1. ताड़ासन (Tadasana)

ताड़ासन में शरीर को सीधा खड़े होकर ऊपर की ओर खींचा जाता है। यह आसन बच्चों की लंबाई बढ़ाने और पोस्चर को सही करने में सहायक है। इससे रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और शरीर का संतुलन सुधरता है।

2. वृक्षासन (Vrikshasana)

वृक्षासन संतुलन का आसन है। इसमें एक पैर पर खड़े होकर ध्यान केंद्रित किया जाता है। यह मानसिक स्थिरता, ध्यान और आत्मविश्वास बढ़ाता है।

3. सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar)

सूर्य नमस्कार को संपूर्ण व्यायाम कहा जाता है क्योंकि इसमें 12 चरण होते हैं जो पूरे शरीर को सक्रिय कर देते हैं। यह रक्त संचार को बेहतर बनाता है, पाचन शक्ति बढ़ाता है और शरीर को लचीला बनाता है।


 शाम को करने योग्य योगासन

शाम का समय योग के लिए अच्छा है क्योंकि इससे दिनभर का तनाव और थकान दूर होती है।

1. भुजंगासन (Bhujangasana)

यह रीढ़ को लचीला बनाता है, पीठ दर्द को कम करता है और मानसिक थकान दूर करता है।

2. त्रिकोणासन (Trikonasana)

यह आसन शरीर की चर्बी कम करने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।

3. सेतुबंधासन (Setu Bandhasana)

सेतुबंधासन हड्डियों को मजबूत बनाता है और रक्त संचार को सुधारता है।


 सोने से पहले के योगासन

नींद से पहले हल्के योगासन करने से नींद की गुणवत्ता बढ़ती है और मन शांत होता है।


 प्राणायाम का महत्व

योगासन के साथ प्राणायाम करना बेहद लाभकारी है। यह श्वसन को नियंत्रित करता है और मन को स्थिर करता है।

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