TVC India

प्रवासी भारतीय (NRI) खबरें 2025 की ताज़ा अपडेट और विश्लेषण


प्रवासी भारतीय (NRI) से संबंधित ताज़ा समाचार और विस्तृत विश्लेषण

प्रस्तावना

प्रवासी भारतीय (Non-Resident Indians – NRI) आज भारत की आर्थिक मजबूती, सामाजिक पहचान और वैश्विक प्रभाव का अभिन्न हिस्सा हैं। विदेशों में बसे ये भारतीय न केवल अरबों डॉलर की रेमिटेंस भेजते हैं, बल्कि भारत की सॉफ्ट पावर को भी मज़बूती देते हैं। हाल ही में आए कई समाचार और घटनाएँ NRIs की भूमिका और चुनौतियों को उजागर करती हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।


1. दुनिया का सबसे बड़ा भारतीय प्रवासी समुदाय

भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है। लगभग 3.43 करोड़ भारतीय विदेशों में रहते हैं, जिनमें आधे से अधिक केवल 10 देशों (अमेरिका, सऊदी अरब, UAE, कुवैत, UK, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया आदि) में रहते हैं।

इसका महत्व यह है कि भारत की नीतियों और कूटनीति में NRI समुदाय की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है।


2. साइबर फ्रॉड और NRI पहचान का दुरुपयोग

हाल ही में विशाखापत्तनम में साइबर अपराधियों ने NRIs की नकली पहचान बनाकर महिलाओं को ठगा। उन्हें शादी का झांसा देकर और महंगे गिफ्ट का लालच दिखाकर लाखों रुपये ऐंठ लिए।

 यह घटना बताती है कि डिजिटल सुरक्षा और जागरूकता आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है।


3. ऑस्ट्रेलिया में प्रवासी-विरोधी प्रदर्शन

ऑस्ट्रेलिया में NRIs और अन्य प्रवासियों के खिलाफ प्रदर्शन हुए। भारत सरकार ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और वहाँ की सरकार से NRIs की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा।

 ऑस्ट्रेलियाई नेताओं ने भी माना कि ऐसे प्रदर्शन नस्लवाद और राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित हैं।


4. NRI जमा और निवेश में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

 इसका मतलब है कि NRIs अब भारत की अर्थव्यवस्था में विश्वास और दीर्घकालिक स्थिरता देख रहे हैं।


5. रियल एस्टेट सेक्टर में NRIs की पसंद

आजकल NRIs सिर्फ निवेश के लिए ही नहीं बल्कि रहने योग्य मॉडर्न और सुरक्षित घरों की तलाश कर रहे हैं।

मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद NRIs की पहली पसंद बने हुए हैं।


6. रेमिटेंस में रिकॉर्ड वृद्धि

FY25 में भारत ने लगभग $135.46 बिलियन रेमिटेंस प्राप्त किए। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

 रेमिटेंस न केवल परिवारों की मदद करता है, बल्कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था को डॉलर रिज़र्व और विदेशी मुद्रा की स्थिरता भी देता है।


7. शिक्षा और NRI बच्चों के लिए योजनाएँ

भारत सरकार ने Scholarship Programme for Diaspora Children (SPDC) की घोषणा की है।


8. टैक्स और कानूनी बदलाव

नए वित्तीय नियमों के अनुसार:

 Returning NRIs को अब संपत्ति ट्रांसफर या गिफ्ट करते समय FEMA नियमों का पालन करना अनिवार्य है।


9. पंजाब और NRIs का जुड़ाव

यूके के सांसद तनमनजीत सिंह धेसी ने NRIs के लिए:

जैसी मांगें उठाई हैं। यह NRIs के मूल राज्य से जुड़ाव को और गहरा करता है।


10. GIFT City और निवेश का नया दौर

गुजरात की GIFT City ने NRIs को वैश्विक निवेश के लिए एक पारदर्शी, टैक्स-फ्रेंडली और तकनीकी रूप से उन्नत मंच दिया है।
 इसका उद्देश्य NRIs को भारत में रहकर भी विश्व स्तर पर निवेश की सुविधा देना है।


11. NRI समाज से जुड़ी चुनौतियाँ

हालाँकि NRIs भारत के लिए आर्थिक और सांस्कृतिक ताकत हैं, लेकिन उन्हें कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ता है:


12. भविष्य की संभावनाएँ

प्रवासी भारतीय केवल भारत की अर्थव्यवस्था में धन ही नहीं लाते, बल्कि भारत की संस्कृति, परंपरा और सॉफ्ट पावर को पूरी दुनिया में फैलाते हैं।
आज NRIs रियल एस्टेट, बैंकिंग, निवेश, शिक्षा और सामाजिक योगदान सभी क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

भविष्य में उनकी भूमिका और बढ़ेगी, बशर्ते भारत उनकी सुरक्षा, निवेश सुरक्षा और कानूनी जटिलताओं को और सरल बनाए।

Next –

Exit mobile version