बैडमिंटन एक लोकप्रिय और रोचक खेल

बैडमिंटन दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है। यह एक रैकेट और शटल कॉक से खेला जाने वाला तेज़-तर्रार खेल है, जिसमें फुर्ती, ध्यान और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की आवश्यकता होती है। आज यह खेल न केवल मनोरंजन का साधन है बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मक खेल भी बन चुका है। ओलंपिक से लेकर एशियन गेम्स तक, बैडमिंटन को वैश्विक स्तर पर बहुत सम्मान प्राप्त है। आइए इस खेल के इतिहास, नियम, खेलने की तकनीक, लाभ और भारत में इसकी स्थिति को विस्तार से समझते हैं।
बैडमिंटन का इतिहास
बैडमिंटन की शुरुआत 19वीं शताब्दी के मध्य में भारत के पुणे शहर में हुई थी। ब्रिटिश सेना के अधिकारी यहाँ एक खेल खेलते थे जिसे “पूना” या “Poona” कहा जाता था। इस खेल में लकड़ी के रैकेट और गेंद का इस्तेमाल किया जाता था। बाद में ब्रिटेन ले जाने के बाद इसका नाम “बैडमिंटन” पड़ा, क्योंकि इसे इंग्लैंड के ग्लॉस्टरशायर स्थित बैडमिंटन हाउस में खेला गया था।
1873 में पहली बार इसे आधिकारिक रूप से बैडमिंटन नाम दिया गया और इसके नियम बनाए गए। 1893 में “बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंग्लैंड” का गठन हुआ और 1899 में पहला ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप आयोजित किया गया।
मैदान और उपकरण
1. कोर्ट का आकारकोर्ट आयताकार होता है जिसकी लंबाई 13.4 मीटर (44 फीट) और चौड़ाई 6.1 मीटर (20 फीट) होती है।
सिंगल्स मैच के लिए कोर्ट की चौड़ाई 5.18 मीटर (17 फीट) होती है।
कोर्ट को नेट के माध्यम से दो हिस्सों में बांटा जाता है।
2. नेट
नेट की ऊंचाई 1.55 मीटर (5 फीट 1 इंच) होती है।
3. शटल कॉक
शटल कॉर्क और पंखों (Feathers) से बनी होती है। आजकल नायलॉन शटल का भी उपयोग होता है।
इसका वजन लगभग 4.74 से 5.5 ग्राम तक होता है।
4 रैकेट
रैकेट हल्के वजन का होता है, जिसका वजन लगभग 70 से 100 ग्राम तक होता है।
यह एल्यूमिनियम, कार्बन फाइबर या स्टील से बनाया जाता है।
बैडमिंटन के मुख्य नियम
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सर्विस (Service)
खेल की शुरुआत सर्विस से होती है। सर्विस हमेशा कमर के नीचे से की जाती है।
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स्कोरिंग सिस्टम
हर गेम 21 अंकों का होता है।खिलाड़ी को कम से कम 2 अंकों के अंतर से जीतना होता है।
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मैच संरचन
एक मैच 3 गेम का होता है, जो भी खिलाड़ी या टीम 2 गेम जीत लेता है, वह विजेता होता है।
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फॉल्ट्स (गलतियां)
शटल का नेट में फंसना, बाहर गिरना, या खिलाड़ी का नेट को छूना फॉल्ट कहलाता है।
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खिलाड़ियों की पोजीश
हर अंक के बाद खिलाड़ी कोर्ट के साइड बदलते हैं।
बैडमिंटन खेलने की तकनीक
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ग्रिप (Racket पकड़ने का तरीका)
रैकेट को पकड़ने का सही तरीका बहुत जरूरी है। इसमें मुख्यतः फोरहैंड ग्रिप और बैकहैंड ग्रिप होती हैं।
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स्मैश (Smash)
यह एक आक्रामक शॉट होता है जिसमें शटल को तेज़ी से विरोधी कोर्ट में गिराया जाता है।
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ड्रॉप शॉट (Drop Shot)
इसमें शटल को हल्के से नेट के पास गिराया जाता है, जिससे विरोधी को दौड़ना पड़े।
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क्लियर (Clear)
इसमें शटल को ऊंचा और पीछे की ओर भेजा जाता है ताकि खिलाड़ी को समय मिल सके।
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नेट शॉट (Net Shot):
यह शॉट नेट के करीब खेला जाता है ताकि विरोधी को कठिनाई हो।
बैडमिंटन के लाभ
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शारीरिक फिटनेस
यह खेल पूरे शरीर का व्यायाम है। इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं और कैलोरी तेजी से जलती है।
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फुर्ती और तेज़ी
बैडमिंटन खेलने से शरीर में फुर्ती आती है और रिफ्लेक्स बेहतर होते हैं।
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मानसिक लाभ
यह खेल ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ाता है और तनाव कम करता है।
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सामाजिक लाभ
यह टीमवर्क और खेल भावना को बढ़ावा देता है।
बैडमिंटन के प्रमुख टूर्नामेंट
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ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप
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थॉमस कप (Thomas Cup) – पुरुषों की टीम प्रतियोगिता
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उबर कप (Uber Cup) – महिलाओं की टीम प्रतियोगिता
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सूडिर्मन कप (Sudirman Cup) – मिश्रित टीम प्रतियोगिता
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ओलंपिक बैडमिंटन – 1992 से ओलंपिक का हिस्सा
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बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप (BWF World Championship)
भारत में बैडमिंटन बेहद लोकप्रिय है। कई भारतीय खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है।
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प्रकाश पादुकोण: पहले भारतीय जिन्होंने 1980 में ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप जीती।
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पी.वी. सिंधु: 2016 रियो ओलंपिक में रजत पदक और 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी।
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साइना नेहवाल: 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता।
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किदांबी श्रीकांत, लक्ष्य सेन और सत्यवती पोनप्पा जैसे खिलाड़ी भी विश्व स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
बैडमिंटन और स्वास्थ्य
बैडमिंटन सिर्फ खेल नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभदायक है। इसे नियमित खेलने से:
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हृदय रोग का खतरा कम होता है।
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वजन नियंत्रित रहता है।
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हड्डियां और जोड़ों की मजबूती बढ़ती है।
बैडमिंटन एक ऐसा खेल है जो शारीरिक और मानसिक दोनों दृष्टि से लाभकारी है। इसकी लोकप्रियता का कारण इसका सरल उपकरण, तेज़ रफ्तार और रोमांचक खेल शैली है। भारत ने इस खेल में विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है और आने वाले समय में नए खिलाड़ी इसे और ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। यदि आप फिट रहना चाहते हैं और एक मजेदार खेल की तलाश में हैं, तो बैडमिंटन निश्चित ही एक बेहतरीन विकल्प है
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