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भुवनेश्वर में 1500 नए AI-CCTV कैमरे की स्थापना – जानें पूरी जानकारी

भुवनेश्वर में 1500 नए AI-CCTV कैमरे की स्थापना पूरी जानकार

परिचय

भुवनेश्वर, जिसे भारत की पहली स्मार्ट सिटी कहा जाता है, लगातार तकनीकी प्रगति की ओर बढ़ रहा है। हाल ही में घोषित योजना के अनुसार, भुवनेश्वर में 1500 नए AI-CCTV कैमरे की स्थापना की जा रही है। यह कदम न केवल शहर की सुरक्षा को मजबूत करेगा बल्कि ट्रैफिक प्रबंधन और अपराध नियंत्रण में भी बड़ी भूमिका निभाएगा।


भुवनेश्वर में AI-CCTV कैमरे लगाने का उद्देश्य

भुवनेश्वर नगर प्रशासन और पुलिस विभाग का मुख्य उद्देश्य है –


1500 नए कैमरों की स्थापना कब और कहाँ होगी?

योजना के तहत शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों, सरकारी दफ्तरों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और संवेदनशील इलाकों में ये कैमरे लगाए जाएंगे।


AI-CCTV कैमरों की विशेषताएँ और तकनीकी खूबियाँ

ये कैमरे साधारण CCTV नहीं होंगे, बल्कि AI (Artificial Intelligence) से लैस होंगे।


स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़ाव

यह परियोजना सीधे तौर पर स्मार्ट सिटी मिशन का हिस्सा है।


शहर की ट्रैफिक और कानून व्यवस्था पर असर


अपराध नियंत्रण और सुरक्षा में लाभ


निगरानी डेटा का उपयोग कैसे होगा?


नागरिकों की निजता और डेटा सुरक्षा चिंताएँ

जहाँ एक ओर AI-CCTV कैमरों से सुरक्षा बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर निजता (Privacy) को लेकर चिंताएँ भी हैं।


इस प्रोजेक्ट से रोजगार और तकनीकी अवसर


स्मार्ट और सुरक्षित भुवनेश्वर की ओर कदम

भुवनेश्वर में 1500 नए AI-CCTV कैमरे की स्थापना केवल एक तकनीकी प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि शहर को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। इससे न केवल अपराध पर अंकुश लगेगा, बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था भी बेहतर होगी। यह पहल नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और भुवनेश्वर को एक आदर्श स्मार्ट सिटी बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।


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भुवनेश्वर, ओडिशा की राजधानी, अब 1,500 नए AI-सक्षम CCTV कैमरों से लैस होकर सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बना रहा है। इस पहल का लक्ष्‍य शहर की निगरानी, ट्रैफिक नियंत्रण, सार्वजनिक सुरक्षा और अपराध रोकथाम को बेहतर बनाना है।

इस वाहन से स्थापित अतिरिक्त कैमरों की कुल संख्या बढ़कर 3,300 हो जाएगी, जो पहले से स्थापित 1,800 कैमरों को जोड़ती है। यह परियोजना Bhubaneswar Smart City Limited (BSCL) द्वारा चलाई जा रही है, जिसमें 7 साल का रखरखाव अनुबंध भी शामिल है The Times of India


मुख्य उद्देश्य और तकनीकी क्षमताएँ

1. सार्वजनिक सुरक्षा में सुधार

2. AI-समर्थित निगरानी का विस्तार

यह कैमरे विशिष्ट क्षमताओं से लैस होंगे जैसे:

3. Command & Control Center का निर्माण

Nए कैमरों को एक इंटेलिजेंट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा, जहाँ प्रशिक्षित ऑपरेटर वास्तविक समय में लाइव फीड मॉनिटरिंग कर सकेंगे। इससे आपराधिक गतिविधियों पर शीघ्र कार्रवाई संभव होगी


संचालन योजना और अनुबंध व्यवस्था


जनता और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया


सुरक्षा प्रणाली की विस्तृत समीक्षा

A. ट्रैफिक नियंत्रण में सुधार

नए कैमरों से मिलने वाले डेटा से helmet न पहनने, speeding, wrong-side ड्राइविंग, triple riding जैसे उल्लंघनों का रीयल-टाइम पता चल सकेगा, जिससे पुलिस त्वरित कार्रवाई कर सकेगी।

B. अपराध रोकथाम में सहायता

facial recognition की क्षमता से संदिग्धों की पहचान होती, जिससे आपराधिक गतिविधियों का पूर्वानुमेय पता चल सकेगा।

C. शहरी नियोजन और यातायात प्रबंधन में लाभ

भीड़-भाड़, जाम, और मार्ग बाधाओं का डेटा ट्रेक कर आपराधिक एवं शहरी प्रबंधन में सुधार संभव।

D. निजता और गोपनीयता की चिंता

इस तरह की निगरानी प्रणाली लागू करते समय नागरिकों की गोपनीयता और डेटा सुरक्षा को मजबूत कानूनी और तकनीकी ढाँचे में सुनिश्चित करना आवश्यक है


अन्य प्रयास और तुलनात्मक पहलें


सारांश तालिका (मुख्य पहलुओं की समीक्षा)

पहलू विवरण
कुल कैमरे 1,500 नए AI-सक्षम कैमरे; कुल 3,300 हो जाएंगे
टेक्नोलॉजी Facial recognition, number plate reading, traffic violation detection, crowd tracking
प्रयोजन सार्वजनिक सुरक्षा, अपराध रोकथाम, ट्रैफिक नियंत्रण, शहरी नियोजन
संचालन मॉडल BSCL की देखरेख, 7 साल का रखरखाव अनुबंध
सिक्योरिटी व गोपनीयता Data privacy सुनिश्चित करन—महत्वपूर्ण
लोक प्रतिक्रिया सकारात्मक, उम्मीद बढ़ी है अपराध नियंत्रण में मदद की
विस्तार योजनाएँ शैक्षणिक संस्थानों में CCTV, IP कैमरों का इंस्टॉलेशन सुझाव

भुवनेश्वर में 1,500 नए AI-सक्षम CCTV कैमरों की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है जो शहर को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में अग्रसर है। यह परियोजना केवल अपराध रोकने तक सीमित नहीं, बल्कि आधुनिक ट्रैफिक निगरानी, शहरी प्रबंधन, और स्मार्ट सिटी विज़न की दिशा में भी है।

इन तकनीकी पहल से पुलिस और प्रशासन को तत्कालीन दृश्यता मिलती है, जिससे कार्रवाई समय पर हो सके। लेकिन यह सफलता तभी सुनिश्चित होगी जब डेटा गोपनीयता, विफलता प्रतिक्रिया योजना, और लोक सहभागिता भी मजबूत हों।

इस कदम से भविष्य में “स्मार्ट और सुरक्षित भुवनेश्वर” का निर्माण हो सकता है—जहाँ तकनीक, लोक सहभागिता, और प्रशासनिक नेतृत्व एक साथ मिलकर नागरिकों के जीवन को बेहतर और सुरक्षित बनाएंगे

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