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मौसम विभाग का अलर्ट 2025 – भारी बारिश, बाढ़ और लोगों के लिए जरूरी सावधानियाँ

मौसम विभाग का अलर्ट 2025 – भारी बारिश और बदले मौसम के हालात की पूरी जानकारी

भारत एक विशाल और विविध भौगोलिक क्षेत्र वाला देश है। यहाँ हर मौसम का असर अलग-अलग राज्यों पर अलग रूप में दिखाई देता है। मौसम विभाग (IMD – Indian Meteorological Department) समय-समय पर अलर्ट जारी करता है ताकि लोग मौसम की संभावित स्थितियों के लिए तैयार रह सकें। हाल ही में मौसम विभाग ने सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जो 19 सितंबर 2025 तक जारी रहने की संभावना है।

इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि यह अलर्ट क्यों जारी किया गया, किन-किन क्षेत्रों पर इसका असर होगा, इससे लोगों की दिनचर्या और अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ सकता है, और लोगों को इससे बचाव के लिए क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए।

मौजूदा अलर्ट और मौसम की स्थिति

  1. भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनियाँ

    • मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार समेत पूर्वी और केन्द्रीय भारत में भारी बारिश के अलर्ट जारी किए हैं। Navbharat 

    • महाराष्ट्र, विशेषकर कोनकन-गोआ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की संभावना है। The Times of पूर्वोत्तर भारत में भी भारी से बहुत भारी बारिश के आसार हैं।

  2. स्थानीय ख़तरें और मौसमी प्रभाव

    • जलभराव एवं बाढ़-संभावना: कुछ निचले इलाकों में पानी जमा होना, नदी या नाले के उफनने की आशंका।

    • भूस्खलन / लैंडस्लाइड: पहाड़ी या ढलान वाले इलाकों में भारी बारिश के कारण मिट्टी धसने का ख़तरा।

    • तूफानी हवा, बिजली और गरज-चमक: बारिश के साथ-साथ कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी भी दी गई है।

  3. मौसम चरित्र में बदलाव

    • तापमान में गिरावट हो रही है, विशेषकर जहाँ भारी बारिश हो रही है। हवा में आर्द्रता बढ़ी है।

    • मानसून सक्रिय बना हुआ है कुछ भागों में, विशेषकर पूर्वी, केन्द्रीय, और दक्षिण-पश्चिमी तटों पर।

  4. अलग-अलग राज्यों में विशेष अलर्ट

    • उत्तर प्रदेश: लगभग 19 जिलों में भारी बारिश/विजली-तूफान-पवन की चेतावनी।

    • बिहार: कुछ जिलों में ज़्यादा बारिश की संभावना, गरज-चमक के साथ।

    • महाराष्ट्र: कोनकन-गोआ, मराठवाड़ा आदि क्षेत्रों में ऑरेंज/येलो अलर्ट।

    • पूर्वोत्तर: असम, मेघालय, अरुणाचल आदि में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी।


1. मौसम विभाग का अलर्ट क्यों जारी हुआ?

भारतीय मौसम विभाग ने यह अलर्ट मुख्य रूप से मॉनसून की सक्रियता और बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण जारी किया है।


2. प्रभावित होने वाले प्रमुख क्षेत्र

महत्वपूर्ण प्रभावित क्षेत्र

क्षेत्र / राज्य विशेष ज़िला-इलाक़े / हालात ख़तरा / समस्या
उत्तराखंड Dehradun, Tehri, Haridwar आदि जिलों में रेड अलर्ट जारी है भूस्खलन, नदी-उफान, सड़कों का कट जाना, जनजीवन प्रभावित होना।
महाराष्ट्र Konkan, Raigad, Ratnagiri, Pune-क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र तथा मराठवाड़ा क्षेत्र में ऑरेंज/येलो अलर्ट। बहुत भारी बारिश, जलभराव, भूमि धसन, यातायात बाधित होना।
बिहार Supaul, Purnia, Nawada, Jamui, Araria, Kishanganj और आसपास के जिले। भारी बारिश, बिजली-तूफान के साथ, बाढ़ की संभावना, खेतों को नुकसान।
पूर्वोत्तर भारत Assam, Meghalaya, Arunachal Pradesh, Manipur, Nagaland, Mizoram, Tripura के कुछ इलाक़े। बाढ़, नदियों का उफान, स्कूल-कालेज बंद होना, गाँवों का कट जाना।
मध्य प्रदेश छिंदवाड़ा, खरगोन, बड़वानी जिलों को विशेष जोखिम। मूसलाधार बारिश, जलभराव, स्थानीय जीवन प्रभावित होना।
उत्तर प्रदेश
तमिलनाड़ु Chennai, Kanchipuram, Vellore सहित करीब 20-21 जिले।  समुद्री तटों के नज़दीक राय-काऱ्या बाधित होना, मछुआरों को चेतावनी, भारी बारिश और तूफानी हवाएँ।

3. अलर्ट के प्रकार

मौसम विभाग आम तौर पर तीन तरह के अलर्ट जारी करता है:

 इस समय पश्चिम बंगाल और सिक्किम में ऑरेंज अलर्ट, जबकि असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।


4. लोगों की दिनचर्या पर असर

  1. परिवहन – सड़कों पर जलभराव और भूस्खलन के कारण यातायात बाधित हो सकता है।

  2. कृषि – धान और मक्के जैसी फसलों को नुकसान की संभावना।

  3. शिक्षा और कामकाज – कई स्कूल और दफ्तरों को बंद रखना पड़ सकता है।

  4. बिजली और नेटवर्क – बिजली कटौती और नेटवर्क बाधाओं की संभावना।


5. स्वास्थ्य पर प्रभाव


6. प्रशासन की तैयारियाँ


7. लोगों को बरतनी चाहिए ये सावधानियाँ

  1. अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

  2. बिजली के उपकरणों और तारों से दूर रहें।

  3. पीने के पानी को हमेशा उबालकर या फ़िल्टर करके इस्तेमाल करें।

  4. बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।

  5. मोबाइल में IMD का वेदर ऐप या लोकल अलर्ट सिस्टम एक्टिव रखें।


8. अर्थव्यवस्था पर असर


9. जलवायु परिवर्तन और बदलते मौसम की भूमिका

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में मौसम की अनिश्चितता और चरम परिस्थितियों में बढ़ोतरी जलवायु परिवर्तन के कारण हो रही है।

मौसम विभाग का यह अलर्ट केवल एक चेतावनी नहीं, बल्कि लोगों को सावधान और तैयार रहने का संदेश है। सरकार और प्रशासन अपनी तैयारी कर रहे हैं, लेकिन नागरिकों की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

अगर लोग समय पर सावधानी बरतें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और अफवाहों से बचें, तो इस तरह की आपदाओं से बड़े नुकसान को रोका जा सकता है।

भारत जैसे विशाल देश के लिए मौसम विभाग की चेतावनियाँ जीवन और संपत्ति की सुरक्षा का अहम साधन हैं। इसलिए हमें इन्हें गंभीरता से लेना चाहिए।

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