स्पेन का इज़रायल का बहिष्कार — क्या है पूरा मामला?

सितंबर 2025 में स्पेन सरकार ने सार्वजनिक रूप से यह प्रस्ताव रखा है कि अगर इज़रायल को गाज़ा संघर्ष के दौरान उसके सैन्य अभियानों की वजह से होने वाले विवादों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो इज़रायल को कई अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों, संस्कृति और खेल आयोजनों से बहिष्कृत करना चाहिए। इस फैसले से यूरोप में राजनीतिक बहस तेज हो गई है, खासकर “Eurovision Song Contest 2026” और “La Vuelta a España” जैसे बड़े आयोजनों में।
मामला कैसे शुरू हुआ?
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गाज़ा क्षेत्र में इज़रायल की सैन्य कार्रवाईयों और नागरिकों को होने वाले नुकसान के कारण स्पेन में विरोध प्रदर्शन बढ़े। विशेषतः La Vuelta a España (एक प्रसिद्ध साइकलिंग दौड़) के अंतिम चरण में इज़रायल की टीम “Israel-Premier Tech” की भागीदारी को लेकर लोगों ने विरोध किया। ये प्रदर्शन पुलिस से टकराते हुए समाप्त हुए, कुछ लोग घायल भी हुए।
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इसी तनाव के बीच स्पेन के संस्कृति मंत्री Ernest Urtasun ने कहा कि अगर इज़रायल को Eurovision 2026 में शामिल किया गया, तो स्पेन इस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेगा।
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स्पेन का सार्वजनिक प्रसारक RTVE (Radio Televisión Española) बोर्ड ने यह प्रस्ताव पास किया कि यदि इज़रायल प्रतियोगिता में रहता है, तो स्पेन Eurovision से वापिस ले लिया जाएगा। यह फैसला 10 वोटों से मंज़ूर हुआ, 4 मतों के खिलाफ और 1 अभिमत (abstention) के साथ।
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कौन-से हैं मुख्य कदम
खेलों से बैन
स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ ने कहा है कि जब तक गाज़ा में हालात “barbarity” के रूप में बने हुए हैं, तब तक इज़राइल को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों से बाहर कर देना चाहिए।-
यूरोविजन से बाहर होना
स्पेन ने घोषणा की है कि अगर इज़राइल अगले यूरोविजन सॉन्ग कॉन्टेस्ट में भाग लेगा, तो स्पेन स्वतः हिस्सा नहीं लेगा। -
हथियारों के सौदे रद्द करना
स्पेन ने इज़राइल की रक्षा कंपनियों से कुछ हथियार सौदों को रद्द किया है। उदाहरण के लिए, €700 मिलियन का सौदा Elbit Systems के साथ रद्द होने की सूचना है। -
पोर्ट्स और शिपिंग
स्पेन ने घोषणा की है कि वह ऐसे जहाज़ों और विमानों को अनुमति नहीं देगा जो इज़राइल को हथियार पहुँचाने वाले हों। -
मानवीय सहायता और आर्थिक प्रतिबंध
स्पेन ने कहा है कि वह गाज़ा में मानवीय सहायता बढ़ाएगा और साथ-ही-साथ इज़राइली बस्तियों (occupied settlements) से सामान आयात पर रोक लगाने जैसी नीतियाँ लागू करेगा। Al Jazeera
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कौन-कहाँ से समर्थन या विरोध मिल रहा है?
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स्पेन “Big Five” देशों में पहला देश है जिसने इस तरह स्पष्ट धमकी दी है कि यदि इज़रायल प्रतिस्पर्धा में होगा तो वह Eurovision में भाग नहीं लेगा। “Big Five” वे सदस्य हैं जो इस प्रतियोगिता के बड़े वित्तीय समर्थक हैं। euronews+1
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अन्य देशों ने भी इज़रायल को Eurovision जैसे आयोजनों से बाहर करने की मांग की है — जैसे आयरलैंड, स्लोवेनिया, आइसलैंड और नीदरलैंड्स।
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स्पेन के प्रधानमंत्री Pedro Sánchez ने बताया है कि इज़रायल को खेल आयोजनों से बाहर किया जाना चाहिए, जैसे कि रूस को यूक्रेन पर आक्रमण के बाद किया गया था।
बहिष्कार या विरोध की कार्रवाईयां
कुछ मुख्य कदम जो लिए गए या प्रस्तावित हैं:
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Eurovision 2026 से बहिष्कार का प्रस्ताव
RTVE बोर्ड ने मतदान कर यह तय किया है कि अगर इज़रायल को प्रतियोगिता में “KAN” के माध्यम से शामिल किया गया, तो स्पेन भाग नहीं लेगा। -
स्पोर्ट्स आयोजनों से बहिष्कार
प्रधानमंत्री Sánchez ने कहा है कि इज़रायल को अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं से निकाला जाना चाहिए, जैसे कि रूस को किया गया था। Al -
प्रदर्शन और विरोध
Vuelta a España साइकल रेस के दौरान विरोध प्रदर्शन हुए जब इज़रायल की टीम दौड़ में थी। इस वजह से अंतिम चरण प्रभावित हुआ। -
दिप्लोमैटिक और अन्य प्रतिबंध
स्पेन ने इज़रायल की सरकार तथा उससे जुड़े संगठनों के खिलाफ राजनीतिक और सांस्कृतिक दबाव बढ़ाने की बात कही है। उदाहरण के लिए शिपिंग, सड़क, वायु मार्गों पर प्रतिबंधों पर चर्चा हो रही है
सरकार की स्थिति और उनके कारण
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स्पेन की सरकार का तर्क है कि इज़रायल की गाज़ा में सेना की कार्रवाइयाँ, नागरिकों की मौत और अंतरराष्ट्रीय न्यायालयों की रिपोर्टों ने ऐसी स्थिति प्रस्तुत की है कि इज़रायल को ऐसे आयोजनों से बाहर किया जाना चाहिए जहाँ अंतरराष्ट्रीय और सार्वजनिक सन्देश महत्वपूर्ण हो।
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सरकार यह भी कहती है कि यदि रूस को Ukraine पर आक्रमण के बाद विभिन्न स्पोर्ट्स और सांस्कृतिक आयोजनों से बाहर किया गया, तो इज़रायल को भी समान मानदंडों का सामना करना चाहिए।
आलोचनाएँ और विपक्ष की प्रतिक्रिया
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इज़रायली विदेश मंत्री Gideon Sa’ar ने Sánchez को असंवेदनशील, असत्य, और जातिवाद-भरा कहा है।
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यूरोपीय संघ की उच्च प्रतिनिधि (High Representative) Kaja Kallas ने कहा है कि इस तरह के बहिष्कार निर्णय इज़रायल की जनता को निशाना बनाते हैं, न कि सिर्फ सरकार को। उसने सुझाव दिया कि नागरिकों को प्रभावित किया जाना ठीक नहीं है।
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कुछ लोग कहते हैं कि संस्कृति या कला को राजनीतिक विवादों के माध्यम से प्रभावित करना ठीक नहीं है, क्योंकि वह मंच आम जनता के अंतर-देशीय संपर्क का माध्यम है।
संभावित प्रभाव
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Eurovision में बदलाव
यदि RTVE और अन्य देशों ने बहिष्कार किया, तो प्रतियोगिता में इज़रायल की भागीदारी पर बड़े विवाद होंगे, और EBU को फैसला करना होगा कि क्या इज़रायल को शामिल किया जाए या नहीं। euronews+1 -
दिप्लोमैसी और अंतरराष्ट्रीय छवि
स्पेन का यह कदम इज़रायल के साथ और व्यापक राजनीतिक दूरी को दिखाता है और उसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में अलग-ठहराव का सामना करना पड़ सकता है। -
संस्कृति और समाज पर असर
कला, संगीत और खेल के आयोजनों में राजनीतिक विवाद से आयोजनों की अखंडता और सार्वजनिक विश्वास में गिरावट हो सकती है। -
आर्थिक पैमानों पर असर
मुद्दों जैसे आयोजनों में प्रायोजन, ब्रॉडकास्टिंग अधिकार, पर्यटन और बहुत से उद्योगों को प्रभाव पड़ सकता है यदि बड़ी बहिष्कार नीति लागू हो।
स्पेन का इज़रायल का बहिष्कार एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सांस्कृतिक मोड़ है, जो दिखाता है कि कैसे राज्य अब अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार, युद्ध और न्याय जैसे मुद्दों पर अपनी नीति-निरुपण में अधिक सक्रिय भूमिका ले रहे हैं।
यह बहिष्कार केवल प्रतीकात्मक नहीं है — यह सरकार की नीतियों, अंतरराष्ट्रीय दबाव और सार्वजनिक भावना का मिश्रण है। अब यह देखना होगा कि EBU, अन्य यूरोपीय देश और इज़रायल इस संकट का सामना कैसे करते हैं, और क्या बहिष्कार की धमकियाँ वास्तविक कार्रवाइयों में बदलेंगी।
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