हॉकी इंडिया लीग 2026 मिनी ऑक्शन एक विस्तृत विश्लेषण

आज, 24 सितंबर 2025, नई दिल्ली में आयोजित हॉकी इंडिया लीग (HIL) 2026 मिनी ऑक्शन ने भारतीय और अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ियों के लिए एक नई दिशा निर्धारित की है। इस नीलामी में 100 से अधिक पुरुष और महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिससे आगामी सत्र के लिए टीमों की संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं।
नीलामी की प्रमुख जानकारी
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तिथि और स्थान: 24 सितंबर 2025, नई दिल्ली
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टीम संरचना: प्रत्येक टीम में 20 खिलाड़ी होंगे, जिसमें अधिकतम 7 विदेशी खिलाड़ी और कम से कम 3 भारतीय जूनियर खिलाड़ी शामिल होंगे।
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वेतन सीमा:
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पुरुष टीमों के लिए: ₹4 करोड़
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महिला टीमों के लिए: ₹2 करोड़
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बेस प्राइस स्लैब्स: ₹2 लाख, ₹5 लाख, और ₹10 लाख
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नीलामी प्रक्रिया: बंद दरवाजों के पीछे, केवल अधिकृत प्रतिनिधियों के लिए
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पुरुष वर्ग की प्रमुख नीलामी
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लियाम हेंडरसन (ऑस्ट्रेलिया) – ₹42 लाख में वेदांता कालिंगा लांसर्स द्वारा खरीदे गए, जो इस सीजन के सबसे महंगे खिलाड़ी बने।
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थीज़ प्रिंज़ (जर्मनी) – ₹36 लाख में हॉकी इंडिया द्वारा खरीदे गए।
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सैंडर डे वाइन (नीदरलैंड्स) – ₹36 लाख में तमिलनाडु ड्रेगन्स ने अपनी टीम में शामिल किया।
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विवेक लाकड़ा (भारत) – 18 वर्षीय इस युवा खिलाड़ी को बंगाल टाइगर्स ने ₹24 लाख में खरीदा, जो भारतीय खिलाड़ियों में सबसे महंगे रहे।
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अधरोहित एक्का (भारत) – तमिलनाडु ड्रेगन्स ने ₹11 लाख में उन्हें अपनी टीम में शामिल किया।
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केतन कुशवाहा (भारत) – 14 वर्षीय इस खिलाड़ी को बंगाल टाइगर्स ने ₹2.5 लाख में खरीदा, जो इस सीजन के सबसे युवा खिलाड़ी बने।
महिला वर्ग की प्रमुख नीलामी
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उदिता दूहन (भारत) – रार्ह बंगाल टाइगर्स ने उन्हें ₹32 लाख में खरीदा, जो महिला वर्ग में सबसे महंगी खिलाड़ी बनीं। Wikipedia
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प्रमुख खिलाड़ी और उनकी नीलामी
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सैंडर डे विन (नेदरलैंड्स): तमिलनाडु ड्रैगन्स ने उन्हें ₹36 लाख में खरीदा, जो आज की नीलामी में सबसे महंगी खरीद थी।
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कोपर बर्न्स (ऑस्ट्रेलिया): वेदांता कालिंगा लांसर ने उन्हें ₹34.5 लाख में अपनी टीम में शामिल किया।
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रोमन ड्यूवेकोट (नीदरलैंड्स): एसजी पाइपर्स ने उन्हें ₹10 लाख में खरीदा।
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सैम लेन (न्यूजीलैंड): रांची रॉयल्स ने उन्हें ₹10 लाख में अपनी टीम में शामिल किया।
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लोइक लुइपार्ट (बेल्जियम): रांची रॉयल्स ने उन्हें ₹10 लाख में खरीदा।
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अद्रोहित एक्का (भारत): तमिलनाडु ने उन्हें ₹11 लाख में खरीदा, जो एक भारतीय खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी बोली थी।
टीमों की संरचना और रणनीतियाँ
टीम संरचना और नीतियाँ
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टीम संरचना: प्रत्येक टीम में 20 खिलाड़ी होंगे – 2 गोलकीपर और 18 आउटफील्ड खिलाड़ी।
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विदेशी खिलाड़ी: प्रत्येक टीम में अधिकतम 7 विदेशी खिलाड़ी हो सकते हैं।
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भारतीय जूनियर खिलाड़ी: प्रत्येक टीम में कम से कम 3 भारतीय जूनियर खिलाड़ियों को शामिल करना अनिवार्य है।
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वेतन सीमा: पुरुष टीमों के लिए ₹4 करोड़ और महिला टीमों के लिए ₹2 करोड़ निर्धारित की गई है।
रणनीतिक विश्लेषण
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विदेशी खिलाड़ियों में निवेश: ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, और नीदरलैंड्स के खिलाड़ियों के लिए उच्च बोलियां दर्शाती हैं कि टीमें अंतरराष्ट्रीय अनुभव को प्राथमिकता दे रही हैं।
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युवा भारतीय खिलाड़ियों की बढ़ती मांग: विवेक लाकड़ा और केतन कुशवाहा जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए उच्च बोलियां भारतीय हॉकी के भविष्य के प्रति विश्वास को दर्शाती हैं।
हर टीम ने अपनी संरचना में संतुलन बनाए रखने के लिए विदेशी और भारतीय खिलाड़ियों के मिश्रण पर ध्यान केंद्रित किया। उदाहरण के लिए, तमिलनाडु ड्रैगन्स ने सैंडर डे विन और अद्रोहित एक्का जैसे खिलाड़ियों को शामिल किया, जबकि रांची रॉयल्स ने सैम लेन और लोइक लुइपार्ट को अपनी टीम में जोड़ा। इस प्रकार की रणनीतियाँ टीमों को आगामी सत्र में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करेंगी।
उत्तर प्रदेश रुद्रास की अनुपस्थिति
इस नीलामी से पहले, उत्तर प्रदेश रुद्रास ने वित्तीय कारणों और हॉकी इंडिया के साथ मतभेदों के कारण लीग से बाहर होने का निर्णय लिया था। इससे लीग की संरचना में बदलाव आया और अन्य टीमों को अतिरिक्त खिलाड़ियों की उपलब्धता मिली ।
नीलामी की लाइव कवरेज
लाइव स्ट्रीमिंग
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YouTube चैनल: ऑक्शन की लाइव स्ट्रीमिंग Hockey India League के आधिकारिक YouTube चैनल पर उपलब्ध है।
लाइव ब्लॉग और अपडेट्स
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MyKhel: ऑक्शन के दौरान खिलाड़ियों की नीलामी और टीमों की खरीदारी पर लाइव अपडेट्स प्रदान करता है।
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Khel Now: ऑक्शन की लाइव ब्लॉग कवरेज और टीमों की रणनीतियों पर विस्तृत जानकारी प्रदान करता है।
नीलामी की लाइव कवरेज Hockey India League के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध थी, जहाँ दर्शक खिलाड़ियों की बोली और टीमों की रणनीतियों को सीधे देख सकते थे।
हॉकी इंडिया लीग 2026 मिनी ऑक्शन ने आगामी सत्र के लिए टीमों की संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। विदेशी और भारतीय खिलाड़ियों के संतुलित मिश्रण से टीमों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। उत्तर प्रदेश रुद्रास की अनुपस्थिति ने अन्य टीमों को अतिरिक्त अवसर प्रदान किए हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ये नई संरचनाएँ आगामी सत्र में किस प्रकार प्रदर्शन करती हैं।
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