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✅ देहरादून में बादल फटने से तबाही – जानिए 7 बड़े नुकसान और राहत प्रयास

देहरादून में बादल फटने से मची तबाही

16 सितंबर 2025 की रात उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई। यह प्राकृतिक आपदा सहस्त्रधारा, मालदेवता और आसपास के क्षेत्रों में हुई, जिससे कई घर, दुकानें, वाहन और सड़कें बह गईं। इस घटना में दो लोग लापता बताए जा रहे हैं और कई लोग घायल हुए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।


 घटना का विवरण

देहरादून में देर रात/तड़के अचानक बादल फटने (Cloudburst) की घटना हुई। इस दौरान बहुत ही कम समय में अत्यधिक बारिश हुई, जिससे सहस्रधारा और आसपास की नदियाँ-नालों में जलस्तर अचानक कई गुना बढ़ गया। पानी अपने साथ भारी मात्रा में मलवा, पत्थर और कीचड़ लेकर नीचे की ओर बहने लगा।

इस अचानक आई आपदा ने लोगों को 2013 उत्तराखंड बाढ़ और हालिया जोशीमठ भू-धंसाव जैसी घटनाओं की याद दिला दी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना प्राकृतिक कारकों के साथ-साथ अनियंत्रित शहरीकरण, नालों पर अतिक्रमण और पहाड़ों के अत्यधिक कटाव की वजह से और भी विनाशकारी साबित हुई।

सोमवार रात करीब 11:30 बजे सहस्त्रधारा क्षेत्र में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। तमसा नदी उफान पर आ गई और करलीगाड़ नाले का पानी तेजी से बहने लगा। नतीजतन, कई दुकानें, होटल, वाहन और पुल बह गए। तपकेश्वर महादेव मंदिर के परिसर में 1-2 फीट मलबा जमा हो गया और मंदिर जलमग्न हो गया। आईटी पार्क देहरादून के पास सड़कों पर वाहन बहते नजर आए। मौके पर प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया और प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया।


 प्रभावित क्षेत्र और नुकसान


नुकसान


 प्रशासनिक प्रतिक्रिया और राहत कार्य


प्रशासनिक प्रतिक्रिया


राहत और बचाव कार्य

घटना के तुरंत बाद, NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया। मौसम विभाग ने देहरादून और टिहरी गढ़वाल में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। स्कूलों को 12वीं तक बंद करने का आदेश दिया गया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


 मौसम की स्थिति और भविष्यवाणी

वर्तमान मौसम की स्थिति


भविष्यवाणी (Forecast)

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में 16 सितंबर 2025 को मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून, चमोली और चंपावत जिलों में तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। भारी बारिश की अपेक्षा के चलते प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है। यह अलर्ट लोगों को सतर्क रहने और यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की चेतावनी देता है।

देहरादून में बादल फटने की घटना ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति हमारी तैयारियां कितनी महत्वपूर्ण हैं। हालांकि प्रशासन और राहत टीमें सक्रिय हैं, लेकिन स्थानीय लोगों की जागरूकता और सतर्कता भी आवश्यक है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए बेहतर योजना, समय पर चेतावनी प्रणाली और प्रभावी राहत कार्यों की आवश्यकता है।

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