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✅ बिहार में विकास परियोजनाओं का शुभारंभ – 5 बड़ी योजनाएँ जो बदल देंगी राज्य का भविष्य

बिहार में विकास परियोजनाओं का शुभारंभ 

16 सितंबर 2025 को बिहार के पूर्णिया जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ₹40,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री, सांसद और विधायक उपस्थित थे। यह आयोजन बिहार के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था, जो राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।


1. पूर्णिया हवाई अड्डे का नया टर्मिनल भवन

प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्णिया हवाई अड्डे के नए नागरिक क्षेत्र का उद्घाटन किया, जिससे क्षेत्र की हवाई यातायात क्षमता में वृद्धि होगी। इससे सीमांचल क्षेत्र की कनेक्टिविटी में सुधार होगा और स्थानीय व्यापार व पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना में ₹2,090 करोड़ का निवेश किया गया है, जिसमें जलाशय, बांध संरचनाएँ, सिंचाई चैनल और संबंधित कार्य शामिल हैं।

पूर्णिया हवाई अड्डे का नया टर्मिनल भवन बिहार के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह परियोजना केंद्र सरकार की उड़ान (UDAN) योजना के अंतर्गत विकसित की जा रही है, जिसका उद्देश्य छोटे शहरों को देश के बड़े शहरों से जोड़ना है।

प्रमुख विशेषताएँ


2. भभुआ में 3×800 मेगावाट थर्मल पावर परियोजना

प्रधानमंत्री ने भागलपुर के पीरपैंती में ₹25,000 करोड़ लागत वाली 3×800 मेगावाट थर्मल पावर परियोजना की नींव रखी। यह बिहार की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की निवेश परियोजना है, जो राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी ।


3. कोसी-मैची नदी जोड़ परियोजना

कोसी और मैची नदियों को जोड़ने वाली ₹2,680 करोड़ की परियोजना की नींव रखी गई। इससे उत्तर बिहार के जिलों में सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी, बाढ़ नियंत्रण में सुधार होगा और कृषि क्षेत्र में स्थिरता आएगी


4. रेल कनेक्टिविटी में सुधार

प्रधानमंत्री ने बक्सर और कटिहार के बीच ₹2,170 करोड़ की रेल लाइन की नींव रखी, जो गंगा नदी के पार सीधी रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त, वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की गई, जिससे क्षेत्रीय परिवहन में सुधार होगा


5. राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना

प्रधानमंत्री ने बिहार के मखाना उत्पादकों के लिए राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना की घोषणा की। यह बोर्ड मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और निर्यात में सुधार करेगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और बिहार की वैश्विक पहचान मजबूत होगी

बिहार के लिए मखाना (फॉक्स नट/गोरखपुरा) न सिर्फ कृषि उत्पाद है बल्कि यह यहाँ की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान भी है। हाल ही में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड (National Makhana Board) की स्थापना की गई है, जिसका उद्देश्य मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण और निर्यात को संगठित और प्रोत्साहित करना है।

स्थापना का उद्देश्य

प्रमुख कार्य

  1. अनुसंधान और नवाचार – नई किस्में, वैज्ञानिक खेती तकनीक और जल संसाधन प्रबंधन।

  2. प्रशिक्षण और कौशल विकास – किसानों व उद्यमियों के लिए कार्यशालाएँ और प्रशिक्षण।

  3. निर्यात संवर्धन – भारत को वैश्विक स्तर पर मखाना का प्रमुख निर्यातक बनाना।

  4. ब्रांडिंग और मार्केटिंग – “बिहार मखाना” को GI टैग के साथ अंतर्राष्ट्रीय पहचान देना।

  5. सहयोग और वित्तीय सहायता – सहकारी समितियों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) और स्टार्टअप्स को समर्थन।

संभावित लाभ


6. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 40,000 घरों का वितरण

प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 40,000 लाभार्थियों को घरों की चाबी सौंपी। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की स्थिति में सुधार करेगा और गरीब परिवारों को स्थायी आवास प्रदान करेगा


7. बिहार में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती

पीरपैंती में स्थापित होने वाली थर्मल पावर परियोजना से राज्य की ऊर्जा आपूर्ति में सुधार होगा। यह परियोजना राज्य की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करेगी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी

1. ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि

2. विद्युत वितरण सुधार

3. ऊर्जा दक्षता और बचत

4. गैस और ग्रीन एनर्जी

5. रोजगार और निवेश

6. दीर्घकालिक दृष्टि


8. कृषि क्षेत्र में सुधार और बाढ़ नियंत्रण

कोसी-मैची नदी जोड़ परियोजना से कृषि क्षेत्र में सिंचाई की स्थिति में सुधार होगा और बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी। यह परियोजना किसानों की आय में वृद्धि करेगी और कृषि उत्पादन को स्थिर बनाएगी ।


9. बिहार की समग्र विकास यात्रा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हुए बिहार की विकास यात्रा को रेखांकित किया। उन्होंने राज्य में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में किए गए सुधारों का उल्लेख किया और विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया


10. राजनीतिक स्थिरता और गठबंधन की मजबूती

इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि वे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में बने रहेंगे और किसी भी राजनीतिक बदलाव की योजना नहीं है। इससे राज्य में राजनीतिक स्थिरता बनी रहेगी और विकास कार्यों में निरंतरता सुनिश्चित होगी The Times of India

16 सितंबर 2025 को बिहार में आयोजित यह आयोजन राज्य के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इन परियोजनाओं से न केवल बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, बल्कि कृषि, ऊर्जा, परिवहन और आवास जैसे क्षेत्रों में भी सकारात्मक परिवर्तन आएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की संयुक्त पहल से बिहार एक नई दिशा में अग्रसर होगा, जो राज्य के समग्र विकास की ओर एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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