IRCTC टिकट बुकिंग में आधार अनिवार्य – पूरी जानकारी

भारत में रेलवे यात्रा करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा है। ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए IRCTC (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) सबसे प्रमुख प्लेटफ़ॉर्म है। हाल ही में भारतीय रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है – अब IRCTC टिकट बुकिंग में आधार कार्ड अनिवार्य होगा। यह निर्णय 1 अक्टूबर 2025 से लागू किया जाएगा।
यह बदलाव यात्रियों की सुविधा, पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि आधार को अनिवार्य क्यों किया गया, इससे यात्रियों को क्या लाभ और चुनौतियाँ होंगी, और टिकट बुकिंग की नई प्रक्रिया कैसी होगी।
1. IRCTC टिकट बुकिंग और आधार की आवश्यकता

1. IRCTC टिकट बुकिंग में आधार की भूमिका
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फर्जी बुकिंग पर रोक: आधार कार्ड जोड़ने से यात्री की असली पहचान सुनिश्चित होती है।
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सुविधाजनक बुकिंग: एक बार IRCTC अकाउंट में आधार वेरिफिकेशन करने के बाद यात्री आसानी से टिकट बुक कर सकता है।
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अधिक टिकट बुकिंग की सुविधा: आधार लिंक होने पर मासिक टिकट बुकिंग की सीमा भी बढ़ाई जाती है।
2. आधार अनिवार्यता क्यों?
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सुरक्षा कारणों से: यात्रियों की सटीक जानकारी होने से सुरक्षा एजेंसियों को मदद मिलती है।
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पारदर्शिता: दलालों और फर्जी पहचान पर रोक लगती है।
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डिजिटल इंडिया पहल: रेलवे सेवाओं को आधार आधारित डिजिटल सिस्टम से जोड़ने का प्रयास।
3. किन स्थितियों में आधार जरूरी है?
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e-Ticket और i-Ticket बुकिंग के लिए, विशेषकर Tatkal बुकिंग में।
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एक यूज़र आईडी से अधिक टिकट बुक करने के लिए आधार लिंक अनिवार्य है।
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वरिष्ठ नागरिक छूट का लाभ उठाने के लिए भी आधार वेरिफिकेशन ज़रूरी है।
4. आधार लिंक करने की प्रक्रिया
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IRCTC वेबसाइट/ऐप पर लॉगिन करें।
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‘My Profile’ सेक्शन में जाएँ।
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“Aadhaar KYC” विकल्प चुनें।
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अपना आधार नंबर डालें और OTP से वेरिफाई करें।
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सफल वेरिफिकेशन के बाद आधार आपके प्रोफ़ाइल से जुड़ जाएगा।
5. यात्रियों को होने वाले लाभ
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बिना परेशानी के टिकट बुकिंग।
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एक महीने में अधिक टिकट बुक करने की सुविधा।
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वरिष्ठ नागरिकों के लिए छूट का सीधा लाभ।
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पहचान पत्र दिखाने में आसानी (आधार ही पर्याप्त)।
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IRCTC भारत में ऑनलाइन रेलवे टिकट बुकिंग का आधिकारिक प्लेटफ़ॉर्म है।
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अभी तक यात्री मोबाइल नंबर, ईमेल और पैन कार्ड जैसी जानकारियों से टिकट बुक कर पाते थे।
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लेकिन कई बार फर्जी आईडी, कालाबाज़ारी और टिकट दलालों की वजह से आम लोगों को समस्या होती थी।
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इन समस्याओं को खत्म करने और यात्रा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए आधार अनिवार्य किया गया है।
2. आधार को अनिवार्य बनाने का निर्णय
भारतीय रेलवे ने IRCTC टिकट बुकिंग में आधार को अनिवार्य बनाने का निर्णय मुख्य रूप से यात्रियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया। पहले कई बार फर्जी आईडी का इस्तेमाल करके दलाल बड़ी संख्या में टिकटें बुक कर लेते थे, जिससे आम यात्रियों को टिकट नहीं मिल पाता था।
इस समस्या पर रोक लगाने और प्रत्येक यात्री की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार कार्ड को टिकट बुकिंग प्रक्रिया से जोड़ा गया।
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सुरक्षा कारण: हर यात्री की असली पहचान दर्ज हो सके।
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फर्जी बुकिंग पर रोक: दलालों और नकली आईडी से टिकट लेने वालों की पहचान रोकी जा सके।
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डिजिटल सुविधा: आधार लिंक होने से ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रक्रिया तेज और आसान हो गई।
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विशेष श्रेणियों में छूट: वरिष्ठ नागरिकों की छूट और अन्य लाभ अब सीधे आधार वेरिफिकेशन से मिल जाते हैं।
भारतीय रेलवे बोर्ड ने सितंबर 2025 में घोषणा की कि 1 अक्टूबर 2025 से IRCTC पर टिकट बुकिंग के लिए आधार अनिवार्य होगा।
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हर यात्री को टिकट बुक करते समय अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा।
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टिकट कन्फर्म होने के लिए OTP आधारित सत्यापन होगा।
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बिना आधार लिंक किए अब नया अकाउंट नहीं बनेगा और न ही टिकट बुक हो पाएगा।
3. टिकट बुकिंग की नई प्रक्रिया
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IRCTC पर लॉगिन करें
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आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाएँ।
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यूज़र आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें।
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यात्रा विवरण भरें
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प्रस्थान और गंतव्य स्टेशन चुनें।
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यात्रा की तारीख और श्रेणी (Sleeper, AC आदि) चुनें।
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ट्रेन और सीट चयन
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उपलब्ध ट्रेनों की सूची देखिए।
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मनचाही ट्रेन और क्लास चुनें।
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“Check Availability & Fare” पर क्लिक करें।
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यात्री विवरण जोड़ें
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यात्री का नाम, उम्र, लिंग भरें।
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पहचान पत्र के लिए आधार कार्ड का विकल्प चुन सकते हैं।
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वरिष्ठ नागरिकों को छूट के लिए आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य है।
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पेमेंट प्रक्रिया
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नेट बैंकिंग, UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या वॉलेट से भुगतान करें।
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सफल भुगतान के बाद आपका e-Ticket तुरंत जनरेट हो जाएगा।
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टिकट डाउनलोड या प्रिंट करें
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बुकिंग हिस्ट्री से टिकट डाउनलोड करें।
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SMS और ईमेल पर भी टिकट की कॉपी मिलती है।
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IRCTC अकाउंट में लॉगिन करें
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आधार नंबर लिंक करें – प्रोफ़ाइल सेक्शन में जाकर आधार जोड़ना होगा।
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OTP सत्यापन – मोबाइल या ईमेल पर आने वाले OTP से वेरिफिकेशन होगा।
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यात्रियों का विवरण भरें – जिनके लिए टिकट बुक हो रही है, उनका आधार भी दर्ज करना होगा।
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बुकिंग कन्फर्मेशन – सफल वेरिफिकेशन के बाद टिकट बुक हो जाएगी।
4. यात्रियों के लिए फायदे
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अधिक टिकट बुक करने की सुविधा
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पहले एक यूज़र आईडी से महीने में सीमित टिकट ही बुक किए जा सकते थे।
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अब आधार वेरिफिकेशन के बाद यह सीमा बढ़ जाती है, जिससे परिवार या समूह के लिए टिकट लेना आसान हो गया है।
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फर्जी बुकिंग से छुटकारा
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दलाल और नकली पहचान से टिकट बुक करने वालों पर रोक लगती है।
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आम यात्री को टिकट मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
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वरिष्ठ नागरिकों को सीधा लाभ
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आधार लिंक होने से छूट का लाभ स्वचालित रूप से मिल जाता है।
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अलग से आईडी दिखाने की परेशानी कम हो जाती है।
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सुरक्षित और पारदर्शी प्रक्रिया
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हर यात्री की पहचान स्पष्ट रहती है।
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सुरक्षा एजेंसियों को भी निगरानी आसान हो जाती है।
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तेज़ और आसान टिकट बुकिंग
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आधार वेरिफिकेशन होने के बाद यात्री को बार-बार पहचान पत्र की जानकारी भरने की जरूरत नहीं।
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बुकिंग प्रक्रिया समय बचाने वाली और यूज़र-फ्रेंडली बन गई है।
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फर्जी बुकिंग पर रोक – अब एक ही व्यक्ति कई आईडी से टिकट नहीं निकाल पाएगा।
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पारदर्शिता – टिकट दलालों और बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी।
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सुरक्षा – हर यात्री की पहचान आधार से जुड़ी होगी, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को मदद मिलेगी।
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कन्फर्म टिकट की संभावना बढ़ेगी – जब फर्जी बुकिंग कम होगी, तो आम लोगों को आसानी से टिकट मिलेगा।
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ई-गवर्नेंस की ओर कदम – यह फैसला डिजिटल इंडिया और पारदर्शी प्रशासन को मजबूत करेगा।
5. चुनौतियाँ और समस्याएँ
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तकनीकी समस्याएँ
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आधार वेरिफिकेशन के दौरान सर्वर डाउन या OTP न आने जैसी दिक़्क़तें।
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ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की कमी के कारण ऑनलाइन बुकिंग मुश्किल हो जाती है।
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गोपनीयता की चिंता
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यात्रियों को यह डर रहता है कि उनका आधार डेटा सुरक्षित है या नहीं।
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डेटा लीक और साइबर सुरक्षा से जुड़ी आशंकाएँ बनी रहती हैं।
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सभी के पास आधार न होना
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कुछ यात्रियों के पास आधार कार्ड नहीं होता या उनकी जानकारी अपडेट नहीं होती।
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ऐसे यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग में दिक़्क़त आ सकती है।
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बुजुर्ग और ग्रामीण यात्रियों की कठिनाई
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डिजिटल साक्षरता न होने की वजह से आधार लिंक करना या ऑनलाइन टिकट बुकिंग करना मुश्किल हो जाता है।
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बहुत से लोग अभी भी पारंपरिक तरीकों पर निर्भर रहते हैं।
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कभी-कभी गलत वेरिफिकेशन
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नाम या जन्मतिथि की ग़लती से आधार और IRCTC प्रोफ़ाइल में mismatch हो जाता है।
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इससे टिकट बुकिंग अटक सकती है।
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डिजिटल साक्षरता की कमी – ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग अभी भी ऑनलाइन बुकिंग और आधार लिंकिंग से परिचित नहीं हैं।
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तकनीकी समस्याएँ – सर्वर पर लोड बढ़ने से OTP वेरिफिकेशन में दिक़्क़त आ सकती है।
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गोपनीयता की चिंता – आधार डेटा सुरक्षा पर हमेशा सवाल उठते रहे हैं।
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वरिष्ठ नागरिकों की परेशानी – जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, उन्हें दिक़्क़त हो सकती है।
6. सरकार की तैयारियाँ
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रेलवे मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर और IRCTC काउंटरों पर “आधार सहायता डेस्क” की सुविधा शुरू करने की घोषणा की है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से लोगों को आधार लिंक करने और टिकट बुक करने में मदद मिलेगी।
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डेटा सुरक्षा के लिए UIDAI और रेलवे मिलकर एन्क्रिप्शन तकनीक का उपयोग करेंगे।
7. अन्य देशों से तुलना
कई देशों में पहचान सत्यापन के बिना टिकट बुकिंग नहीं होती:
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चीन – रेलवे टिकट खरीदने के लिए राष्ट्रीय आईडी कार्ड ज़रूरी है।
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जापान – रेलवे पासपोर्ट या नेशनल आईडी से जुड़ा होता है।
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यूरोप – पासपोर्ट या पहचान पत्र के बिना लंबी दूरी की बुकिंग मुश्किल है।
भारत में भी आधार अनिवार्य करना इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
8. यात्रियों की प्रतिक्रिया
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सकारात्मक पक्ष : बहुत से यात्रियों का मानना है कि इससे दलालों से राहत मिलेगी और टिकट मिलना आसान होगा।
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नकारात्मक पक्ष : कुछ लोग इसे कठिन मान रहे हैं, खासकर वे जिनके पास आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर नहीं है।
9. भविष्य की संभावनाएँ
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आगे चलकर IRCTC टिकट बुकिंग के साथ डिजिटल पेमेंट और आधार ई-केवाईसी पूरी तरह से एकीकृत हो सकती है।
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रेलवे का लक्ष्य है कि 2030 तक 100% डिजिटल और सुरक्षित टिकटिंग सिस्टम लागू किया जाए।
IRCTC टिकट बुकिंग में आधार अनिवार्य करने का निर्णय भारतीय रेलवे की एक बड़ी पहल है। इससे फर्जी बुकिंग और दलाली खत्म होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना अधिक होगी। हालाँकि शुरुआती दिनों में तकनीकी और जागरूकता की समस्याएँ आ सकती हैं, लेकिन लंबे समय में यह कदम यात्रियों के हित में साबित होगा।
डिजिटल इंडिया और सुरक्षित यात्रा की दिशा में यह एक ऐतिहासिक निर्णय है, जो आने वाले वर्षों में भारतीय रेलवे को और आधुनिक और विश्वसनीय बनाएगा।
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