मध्य प्रदेश के सीधी में हैवानियत: दलित युवती से गैंगरेप, प्रेमी को पीटकर किया अधमरा — तीन आरोपी गिरफ़्तार, दो अब भी फरार

सीधी, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के सीधी ज़िले में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक भयावह वारदात सामने आई है। चुरहट थाना क्षेत्र में एक 19 साल की दलित युवती के साथ पांच लोगों ने मिलकर कथित तौर पर गैंगरेप किया, जबकि उसका प्रेमी वहीं पास में तड़पता रहा — बेहोशी की हालत में।
इस खौफनाक घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। जहां एक तरफ़ देश ‘नए भारत’ की बात कर रहा है, वहीं ज़मीनी सच्चाई आज भी उतनी ही क्रूर है — ख़ासकर तब, जब पीड़िता समाज के वंचित वर्ग से हो।
जानकारी के मुताबिक, पीड़िता अपने प्रेमी के साथ एकांत में मुलाकात कर रही थी, तभी पांच युवक वहां आ धमके। पहले युवक को बेरहमी से पीटा गया — इतना कि वह बेहोश हो गया। इसके बाद युवती के साथ दरिंदगी की गई।
घटना के बाद दोनों को गंभीर हालत में चुरहट थाने लाया गया, जहां से मामला सीधे जिला स्तर तक पहुंच गया।
तीन गिरफ़्तार, दो की तलाश जारी
पुलिस ने तेज़ कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है। बाक़ी दो की तलाश में जगह-जगह दबिश दी जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि:
“हमारे लिए ये केस ‘टॉप प्रायोरिटी’ पर है। आरोपियों को हर हाल में सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।”
इस मामले में IPC की गंभीर धाराओं के साथ-साथ SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत भी केस दर्ज किया गया है।
घटना के बाद से इलाके में तनाव है। दलित संगठनों, छात्र यूनियनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ज़िला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। मांग एक ही है — फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चलाओ और दोषियों को फांसी दो।
क्या ये ‘बेटी बचाओ’ है या ‘बेटी दबाओ’?
हर बार की तरह सवाल वही हैं —
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आखिर कब तक बेटियों की इज्जत यूँ सरेआम लूटी जाती रहेगी?
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क्या दलित होना अब भी ‘कमज़ोर न्याय’ की गारंटी है?
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और क्या सरकार सिर्फ़ नारे लगाकर अपने कर्तव्यों से मुक्त हो जाती है?
यह कोई फ़िल्मी कहानी नहीं है। यह हकीकत है — आज के भारत की। जहां एक दलित लड़की का सपना, उसका प्यार, और उसका आत्मसम्मान — सबकुछ कुछ वहशी दरिंदों ने कुछ ही मिनटों में कुचल दिया।
अब नज़रें टिकी हैं प्रशासन और कानून व्यवस्था पर। क्या इस बार न्याय सिर्फ़ फाइलों में रहेगा या वाकई पीड़िता को मिलेगा इंसाफ़?