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“H-1B वीज़ा शुल्क वृद्धि 2025 अमेरिकी टेक कंपनियों की प्रतिक्रिया और भारतीय IT पर असर”

“H-1B वीज़ा शुल्क वृद्धि 2025 अमेरिकी टेक कंपनियों की प्रतिक्रिया और प्रभाव”


 H-1B वीज़ा शुल्क वृद्धि  क्या है नया नियम?

सितंबर 2025 में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीज़ा आवेदन शुल्क में $100,000 की वृद्धि की घोषणा की। यह शुल्क केवल नए आवेदनों पर लागू होगा, और वर्तमान वीज़ा धारकों या नवीनीकरण पर इसका कोई असर नहीं होगा।


 अमेरिकी टेक कंपनियों की प्रतिक्रिया

 नकारात्मक प्रतिक्रियाएँ

 सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ

 उद्योग में विभाजित दृष्टिकोण

इस निर्णय के बाद, अमेरिकी टेक कंपनियों ने मिश्रित प्रतिक्रियाएँ दी हैं


 भारतीय IT कंपनियों पर प्रभाव

 बढ़ी हुई संचालन लागत

 भर्ती और परियोजनाओं पर असर

 वैकल्पिक रणनीतियाँ

 संभावित जोखिम

भारत की प्रमुख IT कंपनियाँ जैसे TCS, Infosys, और Wipro, जो H-1B वीज़ा पर अमेरिकी ग्राहकों के लिए सेवाएँ प्रदान करती हैं, इस शुल्क वृद्धि से प्रभावित होंगी। यह वृद्धि उनके संचालन लागत को बढ़ा सकती है और व्यापार मॉडल को पुनः मूल्यांकन करने की आवश्यकता उत्पन्न कर सकती है The 


 संभावित परिणाम और भविष्य की दिशा

H-1B वीज़ा शुल्क में $100,000 की वृद्धि अमेरिकी टेक उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती प्रस्तुत करती है। यह निर्णय अमेरिकी कंपनियों, भारतीय IT उद्योग और वैश्विक प्रतिभाओं के लिए नए अवसरों और चुनौतियों का संकेत देता है। भविष्य में, कंपनियाँ अपनी भर्ती रणनीतियों और वैश्विक संचालन मॉडल में आवश्यक परिवर्तन कर सकती हैं।

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