अंतर्राष्ट्रीय तट-सफाई अभियान चेन्नई में एक प्रामाणिक दृष्टिकोण

हर साल सितम्बर के तीसरे शनिवार को International Coastal Cleanup Day मनाया जाता है। 2025 में यह दिन 20 सितंबर है। चेन्नई में इस साल भी बड़े पैमाने पर तट-सफाई अभियान होगा, जिसका आयोजन स्थानीय संगठन और स्वयंसेवी संस्थाएँ मिलकर करेंगी। चलिए इस अभियान के बारे में पूरी जानकारी लेते हैं — शुरुआत से अंत तक, महत्व से लेकर चुनौतियों तक।
अभियान की बुनियादी जानकारी
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| तारीख | 20 सितम्बर 2025 (शनिवार) |
| समय | सुबह 6:00 बजे से 9:00 बजे तक |
| स्थान | चेन्नई के तटों पर — विशेष रूप से Kasimedu से Kovalam तक के बीच के बीचों पर |
| आयोजक | CommuniTREE नामक स्व-सहायता / पर्यावरण संगठन प्रमुख रूप से आयोजक है। अन्य सहभागी सामुदायिक निवासी, विद्यालय-कॉलेज के छात्र-छात्राएँ, स्थानीय NGOs, नागरिक संगठनों और कॉर्पोरेट्स होंगे। |
| उद्देश्य | तटों पर कूड़ा, प्लास्टिक, भोजन पैकेजिंग, बोतलें आदि इकट्ठा करना; समुद्री प्रदूषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना; लोगों को प्रेरित करना कि तटों को स्वच्छ रखने की प्रतिबद्धता लें। |
प्रतिभागियों और स्वेच्छा सेवा का स्वरूप
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पिछले साल लगभग 24,000 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया था, जिन्होंने मात्र दो घंटे में 200 टन से अधिक कचरा इकट्ठा किया।
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इस साल उम्मीद है कि इससे ज्यादा लोग शामिल होंगे।
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भागीदारों में:
• स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी/छात्राएँ
• स्थानीय निवासी
• NGO सदस्य
• NCC / NSS / कॉर्पोरेट CSR कार्यक्रमों के अंतर्गत लोग
कैसे तैयारी करें स्वयंसेवक के लिए गाइड
यदि आप इस अभियान में भाग लेना चाहते हैं, तो नीचे कुछ बातें ध्यान में रखें:
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सुरक्षा उपकरण
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मजबूत कपड़े पहनें, पैरों के लिए बंद जूते हों।
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हाथों के लिए दस्ताने (Gloves) ज़रूरी हैं। The Times of India
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ट्रैश बैग (Trash bags) साथ ले जाएँ।
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अन्य जरूरी सामान
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बोतल पानी, हल्का स्नैक।
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सनस्क्रीन, टोपी, धूप से बचाव के लिए चश्मा आदि।
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मोबाइल फोन और कैमरा हो तो फोटो-वीडियो करने के लिए।
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स्थान और समय की जानकारी
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समय के अनुसार पहुंचें (सुबह 6 बजे समय से पहले पहुँचने का प्रयास करें)।
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Kasimedu से Kovalam बीचों के बीच किन तटों पर सफाई हो रही है, पहले पता लें।
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सार्वजनिक परिवहन या निजी वाहन से मार्ग सुनिश्चित करें।
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कचरा संग्रह और उनका उचित निपटान
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अलग-अलग प्रकार के कचरे (प्लास्टिक, ऑर्गेनिक, कांच, धातु आदि) को इकट्ठा करें, यदि संभव हो तो अलग करें।
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कचरे को तट से इकट्ठा कर रोडसाइड पॉइंट्स पर छोड़ना है जहाँ पुनर्चक्रणकर्ता (recyclers) उसे ले जाएँगे।
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समुद्री प्रदूषण का महत्व और कारण
तट-पर्यावरण पर कचरे का प्रभाव (Impact) बहुत गहरा है
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प्लास्टिक कचरा: प्लास्टिक बोतलों, पैकेजिंग सामग्री, biryani/carton / फूड पैकेजिंग आदि की सामग्री लंबे समय तक विघटित नहीं होती। ये टुकड़ों-टुकड़ों में टूट कर समुद्री जीवों (मछलियाँ, कछुए आदि) द्वारा निगले जाने जैसी घटनाएँ होती हैं।
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जीवों को खतरा: समुद्री जीव भोजन समझ कर कचरा निगल जाते हैं या उसमें उलझ जाते हैं, जिससे मृत्यु हो सकती है।
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जैव विविधता पर असर: तट की मिट्टी, पानी की गुणवत्ता, समुद्री पौधे (seagrasses, mangroves) प्रभावित होते हैं।
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मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव: वातावरण में प्लास्टिक माइक्रोप्लास्टिक के रूप में पहुँचती है, समुद्र के जीवों में चली जाती है, और फिर खाद्य श्रृंखला द्वारा इंसानों तक आती है।
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पर्यटन और समाज: गंदे तट पर्यटकों को आकर्षित नहीं करते; तटों की स्वच्छता स्थानीय समाज जीवनशैली और सौंदर्य पर असर डालती है।
पिछले वर्ष की उपलब्धियाँ और इस वर्ष की अपेक्षाएँ
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पिछले वर्ष: लगभग 24,000 स्वयंसेवकों ने मिलकर 200‐टन से अधिक कचरा इकट्ठा किया।
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इस वर्ष की अपेक्षा: स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। अभियान के प्रचार-प्रसार और सामाजिक मीडिया गतिविधियों के चलते अधिक लोग जुड़ेंगे।
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भविष्य: नियमित सफाई, स्थानीय समितियों की भागीदारी, सरकारी और स्थानीय निकायों का सहयोग और अधिक हो सकता है।
सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभाव
यह तट-सफाई अभियान सिर्फ सफाई से ज़्यादा है; इसके बहुत से सकारात्मक प्रभाव हैं:
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पर्यावरण संरक्षण
तटों और समुद्री जल की स्वच्छता से समुद्री जीवों की सुरक्षा, जैव विविधता की रक्षा। -
समुदाय में जागरूकता
जब हजारों लोग एक साथ जुटते हैं, तो लोगों की सोच बदलती है, जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है। -
स्वस्थ जीवनशैली
साफ-सुथरे तट पार्किंग, टहलने-फिरने की जगहों के रूप में बेहतर अनुभव देते हैं; लोगों को प्रकृति के करीब लाते हैं। -
पर्यटन को बढ़ावा
स्वच्छ तट, बढिया दृश्य, अच्छी सुविधा होने से उस क्षेत्र में पर्यटन विकास को लाभ होता है। -
स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर
पुनर्चक्रण उद्योग (recycling), सफाई सामग्री बेचने वाले, स्थानीय व्यापारियों के लिए अवसर बढ़ेंगे। -
नीति-निर्माण पर दबाव
व्यापक जन भागीदारी अधिकारियों पर असर डालेगी कि तटों की सफाई, तट संचालन, कचरा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था हो।
चुनौतियाँ और सामना
इस तरह के अभियान के दौरान कुछ चुनौतियाँ होंगी जिन्हें ध्यान देना जरूरी है:
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कचरे का बड़ा स्तर: बड़े तटों पर कचरा बिखरा हुआ होता है; हर चीज़ को तुरंत इकट्ठा करना मुश्किल होगा।
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भारी भीड़ प्रबंधन: ज़्यादा स्वयंसेवक होंगे तो व्यवस्थापन, मार्गदर्शन, सुरक्षा और सुविधाएँ सुनिश्चित करना कठिन होगा।
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फिर से कचरा आना: मौसम, ज्वार-भाटा, लोगों की लापरवाही से सफाई के बाद पुनः कचरा जमा हो सकता है।
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भूमि और तटीय अधिकारों से संबंधित मुद्दे: तटों का अधिकार, भूमि उपयोग, प्राइवेट / सार्वजनिक जमीन आदि पर विवाद हो सकते हैं।
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पूंजी / संसाधन: सफाई उपकरण, कॉन्टेनर्स, फिर पुनर्चक्रण की सुविधाएँ, लोग और समय — ये सब संसाधन चाहिए।
सुझाव और भागीदारी के उपाय
यदि आप इस अभियान को सफल बनाना चाहते हैं या भविष्य में ऐसे अभियानों का हिस्सा होना चाहते हैं, तो ये सुझाव उपयोगी होंगे:
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स्थानीय स्कूल/कॉलेजों को सहभागी बनाना; बच्चों में शामिल करें ताकि भविष्य के नागरिकों में जागरूकता हो।
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सामाजिक मीडिया (Instagram, X, Facebook आदि) पर अभियान की झलक साझा करना — इससे अधिक लोग जागरूक होंगे और शामिल होंगे।
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स्थानीय सरकारों से मिलकर तटों पर स्थायी कचरा बिन (dustbins), रीसायकल बिन की व्यवस्था करना।
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कॉर्पोरेट CSR भागीदारी — कंपनियाँ आवश्यक संसाधन दें (उपकरण, गुड्स, वित्तीय सहायता)।
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सफाई के बाद नियमित निरीक्षण और पुनरावृत्ति अभियानों को सुनिश्चित करना, ताकि तट-स्वच्छता बनी रहे।
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फिल्मों, संगीत, कला आदि के माध्यम से संस्कृति-परिवर्तन को प्रेरित करना — तटों को स्वच्छ रखना एक सामाजिक आदत बनाएँ।
चेन्नई का यह अंतर्राष्ट्रीय तट-सफाई अभियान सिर्फ एक इवेंट नहीं है — यह एक उत्प्रेरक है जो समुद्री जीवन, पारिस्थितिकी, स्वास्थ्य और समाज के बीच गहरी कड़ी जोड़ता है।
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