उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2025 – व्यापार और निवेश का नया आयाम

भारत में तेजी से बढ़ते व्यापार और निवेश के अवसरों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2025 का आयोजन किया है। यह आयोजन न केवल राज्य की आर्थिक ताकत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा, बल्कि स्थानीय उद्योगों को वैश्विक मंच से भी जोड़ेगा। इस वर्ष का आयोजन विशेष है क्योंकि इसमें रूस को पार्टनर देश घोषित किया गया है और इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाना है।
निवेश एवं व्यापार के अवस

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नए बाजार एवं निर्यात अवसर
विदेशी खरीदारों की भागीदारी से प्रदेश के उत्पादों को अन्तरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचने का अवसर मिलेगा। स्थानीय उद्योगों के लिए निर्यात ऑर्डर बढ़ने की संभावना है। -
MSME एवं छोटे उद्योगों को प्रोमोशन
वन-डिस्ट्रिक्ट-वन-प्रोडक्ट (ODOP), हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में छोटे और मध्यम उद्यमियों को अपने उत्पाद दिखाने और नेटवर्क बनाने का अवसर। सरकार की सब्सिडी, टैक्स छूट, भूमि आवंटन जैसी नीतियाँ मददगार होंगी। indembassydili.gov.in+1 -
पर्यटन व सांस्कृतिक निवेश
पवेलियन के माध्यम से पर्यटन और संस्कृति-आधारित निवेश को गति मिलेगी। heritage, ग्रासरुट पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, वेलनेस आदि क्षेत्रों में निवेश के अवसर बढ़ेंगे। -
तकनीकी एवं अनुभवात्मक प्रदर्शन
AR/VR, डिजिटल स्टोरीटेलिंग, इमर्सिव डिस्प्ले, ऑटो-नेविगेशन कियोस्क जैसे नवे प्रयोग, जो आकर्षण बढ़ाते हैं और व्यवसायों के लिए नए प्रकार की कंपनियों से जुड़ने का अवसर। -
निवेशक संवाद एवं नीतिगत प्रोत्साहन
निवेशकों के लिए PPP मॉडल, टैक्स-छूट, सिंगल विंडो क्लियरेंस, भूमि एवं अवसंरचना-सुविधाएँ आदि प्रस्तुत की जाएँगी। यह नीति-निर्माताओं और उद्योगों के बीच रिश्ता मजबूत करेगा।
1. UPITS 2025 का परिचय
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स्थान ग्रेटर नोएडा, एक्सपो मार्ट
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तारीख 25 से 29 सितंबर 2025
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मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के स्थानीय उद्योगों, MSME, स्टार्टअप और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच उपलब्ध कराना।
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विशेषता इस बार लगभग 50 से अधिक देशों और 3000 से ज्यादा प्रदर्शक भाग ले रहे हैं।
2. UPITS 2025 का महत्व
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वैश्विक निवेश आकर्षण – यह ट्रेड शो विदेशी निवेशकों और कंपनियों को यूपी में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगा।
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MSME और स्टार्टअप को बढ़ावा – छोटे और मध्यम उद्योगों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुँचने का अवसर मिलेगा।
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एक्सपोर्ट ग्रोथ – कृषि, हैंडीक्राफ्ट, वस्त्र, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों के लिए निर्यात के नए रास्ते खुलेंगे।
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पर्यटन और संस्कृति – ट्रेड शो में यूपी की कला, संस्कृति और पर्यटन की झलक भी देखने को मिलेगी।
3. रूस को पार्टनर देश घोषित करने का महत्व
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रूस और भारत के बीच गहरे आर्थिक और रणनीतिक रिश्ते रहे हैं।
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इस साझेदारी से रक्षा, ऊर्जा और औद्योगिक सहयोग में नए अवसर मिलेंगे।
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रूसी कंपनियाँ भारतीय MSME और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं।
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रूस के साथ तकनीकी साझेदारी से यूपी के औद्योगिक ढाँचे को मज़बूती मिलेगी।
4. प्रमुख सेक्टर जिन पर फोकस होगा
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कृषि और खाद्य प्रसंस्करण
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यूपी भारत का कृषि केंद्र है। यहाँ के चावल, गन्ना, आम और दुग्ध उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रमोट किया जाएगा।
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हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट
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बनारसी साड़ी, लखनऊ की चिकनकारी, मुरादाबाद का पीतल उद्योग – ये सब दुनिया में खास पहचान रखते हैं।
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इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सेक्टर
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यूपी को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में प्रमोट किया जा रहा है।
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नोएडा और ग्रेटर नोएडा आईटी और स्टार्टअप्स के लिए बड़ा केंद्र बन रहे हैं।
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नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy)
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सोलर और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स में निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा।
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रक्षा और एयरोस्पेस
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यूपी डिफेंस कॉरिडोर में निवेश के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
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5. प्रदर्शनी और कार्यक्रम
आयोजन की प्रमुख जानकारी
| पैरामीटर | विवरण |
|---|---|
| तारीख | 25-29 सितम्बर 2025 |
| स्थान | India Expo Centre & Mart, Greater Noida, उत्तर प्रदेश |
| आयोजक | उत्तर प्रदेश सरकार, Micro, Small & Medium Enterprises एवं Export Promotion विभाग, तथा India Exposition Mart Limited आदि |
| भाग लेने वाले क्षेत्र | ऑटोमोबाइल / ईवी / ऑटो कंपोनेंट्स, बिजली-ऊर्जा, कृषि & खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प-टेक्सटाइल, पर्यटन, स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद, आईटी/स्मार्ट सिटी, विनिर्माण उद्योग, वास्तविक संपत्ति आदि कई क्षेत्रों पर ध्यान रहेगा। |
| प्रदर्शक और आगंतुक | ~ 2,500 से अधिक प्रदर्शक, करीब 5 लाख से अधिक आगंतुकों की उम्मीद, लगभग 500 से अधिक विदेशी खरीदारों की उपस्थिति अनुमानित है। |
| विशेष थीम / विशेष क्षेत्र | पर्यटन विभाग का विशेष पवेलियन; ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’(ODOP); सांस्कृतिक प्रदर्शन; ‘स्वाद उत्तर प्रदेश’ (स्थानीय व्यंजनों की प्रदर्शनी); AR/VR, डिजिटल स्टोरीटेलिंग आदि आधुनिक तकनीकी तत्व। |
| लक्ष्य | प्रदेश को वैश्विक व्यापार-निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना; निर्यात बढ़ाना; MSME और स्थानीय उद्यमियों को मंच देना; निवेशकों को आकर्षित करना; पर्यटन को भी बढ़ावा देना। |
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B2B मीटिंग्स: भारतीय और विदेशी कंपनियों के बीच व्यापारिक समझौते।
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स्टार्टअप कॉन्फ्रेंस: इनोवेशन और तकनीकी समाधान पर चर्चा।
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कल्चरल नाइट्स: उत्तर प्रदेश की संस्कृति और लोककला का प्रदर्शन।
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प्रवासी भारतीय सम्मेलन: प्रवासी भारतीयों को निवेश और व्यापारिक अवसरों की जानकारी।
6. उत्तर प्रदेश की आर्थिक क्षमता
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भारत की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य – बड़ा उपभोक्ता बाज़ार।
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उद्योगिक गलियारा: दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) से जुड़ा।
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परिवहन नेटवर्क: एक्सप्रेसवे, हवाई अड्डे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ाव।
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MSME हब: भारत में सबसे अधिक MSME इकाइयाँ यहीं स्थित हैं।
7. किसानों और छोटे उद्यमियों के लिए अवसर
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किसानों के लिए एग्री-बिजनेस और खाद्य प्रसंस्करण कंपनियों से सीधे जुड़ने का मौका।
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छोटे उद्योगों के उत्पादों को वैश्विक मंच पर प्रमोट करने से निर्यात बढ़ेगा।
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महिला उद्यमियों और कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुँच मिलेगी।
8. यूपी सरकार की पहल
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“वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)” योजना को इस शो में प्रमुखता दी जा रही है।
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निवेशकों के लिए Ease of Doing Business और सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम को प्रदर्शित किया जाएगा।
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सरकार द्वारा दिए जा रहे कर प्रोत्साहन (Tax Incentives) और सब्सिडी योजनाएँ निवेशकों को आकर्षित करेंगी।
9. भविष्य की संभावनाएँ
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इस आयोजन के बाद यूपी में विदेशी निवेश और तेज़ी से बढ़ेगा।
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स्टार्टअप और MSME को नए व्यापारिक अवसर मिलेंगे।
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यूपी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ट्रेड और इंडस्ट्रियल हब के रूप में पहचान मिलेगी।
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2025 केवल एक प्रदर्शनी नहीं बल्कि यह भारत और विशेषकर उत्तर प्रदेश की आर्थिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक ताकत को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का एक बेहतरीन मंच है।
रूस जैसे बड़े देश को पार्टनर बनाना इस आयोजन की अंतरराष्ट्रीय महत्ता को और बढ़ाता है। आने वाले वर्षों में यह ट्रेड शो न केवल यूपी बल्कि पूरे भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी को मजबूत करेगा।
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