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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजस्थान दौरा 1.22 लाख करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजस्थान दौरा 1.22 लाख करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर 2025 को राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में 1.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में ऊर्जा, जल, परिवहन, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की गई।


 माही-बांसवाड़ा परमाणु संयंत्र ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

प्रधानमंत्री मोदी ने बांसवाड़ा जिले के नपला गांव में 42,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले माही-बांसवाड़ा परमाणु संयंत्र की आधारशिला रखी। यह संयंत्र 2,800 मेगावाट क्षमता का होगा और 2032 तक वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य है। यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने और हरित ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


 नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं हरित ऊर्जा की ओर एक और कदम

प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं

  1. सौर ऊर्जा परियोजनाएं

    • भारत ने कई बड़े सौर पार्क और सोलर पावर प्लांट शुरू किए हैं।

    • यह शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति को स्थिर बनाने में मदद करता है।

  2. पवन ऊर्जा परियोजनाएं

    • राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में बड़े पवन फार्म विकसित किए जा रहे हैं।

    • इससे न केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ता है बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी बनते हैं।

  3. हाइड्रो और बायोमास परियोजनाएं

    • नदियों और जल स्रोतों से हाइड्रो पावर का निर्माण।

    • कृषि और कचरे से बायोमास ऊर्जा पैदा कर सतत विकास को बढ़ावा।


हरित ऊर्जा की दिशा में भारत की पहल


भविष्य की दिशा

प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान में 63,683 करोड़ रुपये की लागत से नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इन परियोजनाओं में 500 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र, जलाशय, नहरें और लिफ्ट योजनाएं शामिल हैं। यह पहल भारत के 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। ETInfra.com


 रेल संपर्क में सुधार वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत

ट्रेन के प्रमुख विवरण

  1. मार्ग और स्टॉपेज

    यह ट्रेन विशेष तौर पर प्रमुख शहरों को जोड़ती है।

    • कम स्टॉपेज और तेज़ गति के कारण यात्रा समय में काफी कमी आती है।

  2. सुविधाएं और तकनीक

    • वातानुकूलित कोच, आरामदायक सीटें और हाई-टेक टिकटिंग।

    • आधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम और सुरक्षा तकनीक।

    • ऑनबोर्ड वाई-फाई और डिजिटल सुविधा।

  3. पर्यावरण और ऊर्जा प्रभाव

    • वंदे भारत एक्सप्रेस डीज़ल या पारंपरिक इंजन के बजाय इलेक्ट्रिक तकनीक से चलती है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है।


राज्य और देश के लिए महत्व


भविष्य की संभावनाएं

वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से भारत हाई-स्पीड रेल नेटवर्क विकसित कर रहा है, जो न केवल समय की बचत करेगा बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान में तीन नई ट्रेनों की शुरुआत की, जिनमें दो वंदे भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। इन ट्रेनों में एक उदयपुर से जयपुर के बीच और दूसरी कोटा से अहमदाबाद के बीच चलेगी। तीसरी ट्रेन प्रतापगढ़ से जयपुर के बीच एक एक्सप्रेस ट्रेन होगी। यह पहल राज्य में यात्रा सुविधा में सुधार और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।


 जल आपूर्ति और सिंचाई परियोजनाएं 20,830 करोड़ रुपये का निवेश

प्रधानमंत्री मोदी ने जल आपूर्ति और सिंचाई परियोजनाओं के तहत 20,830 करोड़ रुपये की योजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें इसरदा बांध, मोर सागर जलाशय और विभिन्न नहरों की योजनाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, एएमआरयूटी 2.0 के तहत 5,880 करोड़ रुपये की पेयजल आपूर्ति योजनाओं का शुभारंभ किया गया।


 स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार 250 बिस्तरों वाला अस्पताल

प्रधानमंत्री मोदी ने बांसवाड़ा में 250 बिस्तरों वाले आरबीएम अस्पताल का उद्घाटन किया। यह अस्पताल क्षेत्र के लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा और चिकित्सा क्षेत्र में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


 रोजगार सृजन 15,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र

प्रधानमंत्री मोदी ने 15,000 युवाओं को सरकारी विभागों में नियुक्ति पत्र सौंपे। यह पहल राज्य में बेरोजगारी की समस्या को कम करने और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।


 प्रधानमंत्री का संदेश

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “राजस्थान में कल होने वाले विकास कार्यक्रम से राज्य के साथ-साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा को नई मजबूती मिलने वाली है।” उन्होंने “स्वदेशी” (आत्मनिर्भरता) के महत्व को भी रेखांकित किया और इसे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताया।

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