प्रधानमंत्री मोदी का 5 राज्यों का दौरा विकास, कनेक्टिविटी और शांति की नई दिशा

1. विकास का नया अध्याय
प्रधानमंत्री ने दौरे के दौरान विभिन्न राज्यों में स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल सेवाओं, ऊर्जा और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को समान अवसर, बेहतर सुविधाएं और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा मिले। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी, बिजली, सड़क और इंटरनेट जैसी आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्थानीय उद्योगों, स्टार्टअप्स और छोटे व्यापारों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की, जिससे रोजगार सृजन को बल मिलेगा।
2. कनेक्टिविटी – राष्ट्र की रीढ़
इस दौरे का एक मुख्य केंद्र बिंदु कनेक्टिविटी को मजबूत करना रहा। प्रधानमंत्री ने रेल परियोजनाओं, सड़क निर्माण, हवाई सेवाओं के विस्तार, और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में निवेश की बात की।
उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी न केवल व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देती है, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करती है। प्रधानमंत्री ने राज्यों को एकजुट कर क्षेत्रीय विकास को तेज करने की दिशा में सहयोग का आह्वान किया।
3. शांति और सुरक्षा – जनहित का आधार
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में शांति और सुरक्षा को विकास का आधार बताया। उन्होंने समाज में एकजुटता, सहिष्णुता और संवाद के महत्व पर प्रकाश डाला। सीमावर्ती क्षेत्रों और अशांत इलाकों में सरकार की विशेष योजनाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद, हिंसा और असामाजिक गतिविधियों पर कड़ा नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा।
साथ ही, स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और सकारात्मक अवसर प्रदान करने के लिए शिक्षा, कौशल विकास और खेलकूद कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की घोषणा की।
4. महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष योजनाएँ
दौरे में प्रधानमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं शुरू कीं। इसके अलावा, युवाओं के लिए स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट, खेल प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा से संबंधित कार्यक्रमों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और उन्हें आत्मनिर्भर, नवाचारशील और जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए केंद्र सरकार हर संभव सहायता देगी।
5. पर्यावरण और सतत विकास
प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी कई घोषणाएं कीं। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं, वृक्षारोपण अभियान, जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन जैसी योजनाओं पर बल दिया।
उन्होंने बताया कि विकास तभी टिकाऊ होगा जब पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी। स्थानीय समुदायों की भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े बदलाव संभव हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 से 15 सितंबर 2025 तक मिजोरम, मणिपुर, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार का तीन दिवसीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कुल ₹71,850 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। यह दौरा विशेष रूप से मणिपुर में जातीय हिंसा के बाद शांति और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मिजोरम ऐतिहासिक रेल कनेक्टिविटी
ऐतिहासिक महत्व
मिजोरम में पहली बार भारतीय रेलवे का प्रवेश इसे पूर्वोत्तर के बाकी राज्यों के साथ जोड़ता है।
यह परियोजना राज्य की विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हुई है।
मिजोरम के लोगों के लिए रोजगार और स्थानीय उद्योगों के लिए नए बाजार के द्वार खुल रहे हैं।
कनेक्टिविटी के लाभ
-
आर्थिक विकास व्यापार और कृषि उत्पादों का परिवहन अब तेज और सस्ता होगा।
-
पर्यटन बढ़ावा राज्य के खूबसूरत प्राकृतिक स्थलों तक पहुंच आसान हो गई है, जिससे पर्यटन को मजबूती मिलेगी।
-
सामाजिक और सांस्कृतिक संपर्क यह रेल लाइन विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को जोड़कर सामाजिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी।
प्रधानमंत्री मोदी का दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री मोदी ने इस ऐतिहासिक रेल कनेक्टिविटी का उद्घाटन करते हुए कहा कि “मिजोरम की नई रेल कनेक्टिविटी न केवल विकास की दिशा में बल्कि पूरे पूर्वोत्तर को जोड़ने के लिए ऐतिहासिक कदम है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने मिजोरम के आइजॉल में बैराबी-सैरांग नई रेल लाइन का उद्घाटन किया, जिससे राज्य पहली बार भारतीय रेल नेटवर्क से जुड़ा। इससे राज्य की कनेक्टिविटी में सुधार होगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, उन्होंने ₹9,000 करोड़ की अन्य विकास परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया।
मणिपुर शांति और विकास की ओर
शांति के प्रयास
राज्य में सामाजिक सद्भाव और संवाद बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने कई पहल की हैं।
-
स्थानीय समुदायों और युवा संगठनों के साथ संवाद बढ़ाकर आतंकवाद और हिंसा की घटनाओं में कमी लाई गई है।
-
प्रधानमंत्री और राज्य नेतृत्व ने बार-बार शांति और सहयोग का संदेश दिया है, जिससे लोगों में विश्वास और स्थिरता आई है।
विकास की पहल
-
बुनियादी ढांचा – सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करके राज्य के अंदर और बाहर आवागमन आसान किया गया है।
-
आर्थिक और उद्योगिक अवसर – कृषि, हेरिटेज पर्यटन और स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर पैदा किए गए हैं।
-
शिक्षा और स्वास्थ्य – नई योजनाओं से युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है।
मणिपुर में प्रधानमंत्री मोदी ने चुराचांदपुर में ₹7,300 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया और इंफाल में ₹1,200 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें मणिपुर सिविल सचिवालय, नया पुलिस मुख्यालय और आईटी एसईजेड बिल्डिंग शामिल हैं। यह दौरा राज्य में शांति और विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
असम स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में सुधार
असम में प्रधानमंत्री मोदी ने ₹18,350 करोड़ की विकास योजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें मेडिकल कॉलेज, राष्ट्रीय राजमार्ग और बायोएथेनॉल संयंत्र शामिल हैं। उन्होंने भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती समारोह में भी भाग लिया।
पश्चिम बंगाल प्रशासनिक सुधार
-
डिजिटल प्रशासन
-
राज्य सरकार ने कई सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाने की पहल की है।
-
इससे जनता को दस्तावेज़, लाइसेंस और सरकारी सेवाओं में सुविधा मिली है और भ्रष्टाचार कम हुआ है।
-
-
सुव्यवस्थित अधिकारियों का प्रशिक्षण
-
अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण और क्षमता विकास कार्यक्रम लागू किए गए हैं।
-
इससे प्रशासनिक निर्णय तेज़, पारदर्शी और प्रभावी बन गए हैं।
-
-
जन सहभागिता बढ़ाना
-
पंचायतों और स्थानीय निकायों में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए साक्षरता और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
-
इससे नीतियों की योजना और कार्यान्वयन में लोगों की राय शामिल हो रही है।
-
-
सुविधाजनक grievance redressal प्रणाली
-
शिकायत निवारण और फीडबैक के लिए टेक्नोलॉजी आधारित प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं।
-
इससे जनता की समस्याएँ तेज़ी से हल हो रही हैं और सरकारी जवाबदेही बढ़ी है।
-
पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री मोदी ने 16वीं संयुक्त कमांडर्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। यह सम्मेलन रक्षा और सुरक्षा मामलों में उच्च अधिकारियों की बैठक है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
बिहार कृषि और बुनियादी ढांचे में वृद्धि
कृषि क्षेत्र में सुधार और विकास
-
आधुनिक खेती तकनीक
-
किसानों को सिंचाई, बीज और उन्नत कृषि तकनीक की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
-
इससे फसल उत्पादन बढ़ा और कृषि आय में सुधार हुआ।
-
-
कृषि विपणन और सहकारी समितियाँ
-
कृषि उत्पादों के बेहतर बाजार तक पहुँचाने के लिए सहकारी समितियाँ और मंडियाँ मजबूत की जा रही हैं।
-
इससे किसानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य मिलता है।
-
-
कृषि ऋण और सब्सिडी योजनाएँ
-
राज्य सरकार ने किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण और सब्सिडी उपलब्ध कराई है।
-
इससे छोटे और सीमांत किसानों का वित्तीय दबाव कम हुआ है।
-
बुनियादी ढांचे में सुधार
-
सड़क और परिवहन
-
राज्य में राष्ट्रीय और राज्य मार्गों का विस्तार किया गया है।
-
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण से कृषि उत्पादों का परिवहन तेज और सस्ता हुआ।
-
-
पानी और सिंचाई परियोजनाएँ
-
नदियों और नालों की सफाई और बाँधों के निर्माण से सिंचाई क्षमता और जल संरक्षण में सुधार हुआ।
-
-
ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी
-
बिजली आपूर्ति और डिजिटल नेटवर्क के विस्तार से ग्रामीण इलाकों में उद्योग और शिक्षा को बढ़ावा मिला।
-
बिहार में प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्णिया हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया और राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना की। उन्होंने ₹36,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जो राज्य के कृषि और बुनियादी ढांचे में सुधार करेंगे। Press
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के लिए विकास, कनेक्टिविटी और शांति की नई दिशा प्रस्तुत करता है। रेल, सड़क, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी में सुधार से इन राज्यों की समृद्धि में वृद्धि होगी। यह कदम केंद्र सरकार की क्षेत्रीय विकास और अखंडता की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे से यह स्पष्ट होता है कि सरकार पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इन परियोजनाओं से न केवल बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, जो स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएंगे।
Next –

1 thought on “प्रधानमंत्री मोदी का 5 राज्यों का दौरा 3 दिनों में 5 प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन”