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“10 सितंबर 2025 दिल्ली और मुंबई में सोने की कीमतें – रेट अपडेट और तेजी की जानकारी”

सोने की कीमत में तेजी दिल्ली और मुंबई में 10 सितंबर 2025 का रेट अपडेट

सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं, और 10 सितंबर 2025 को भी यह ट्रेंड जारी रहा। इस दिन दिल्ली और मुंबई में सोने की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी देखी गई, जो निवेशकों और आभूषण प्रेमियों के लिए महत्वपूर्ण संकेत है।


दिल्ली में सोने की कीमते

दिल्ली में 10 सितंबर 2025 को सोने की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी देखी गई। इस दिन 24 कैरेट सोने की कीमत ₹11,066 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने की कीमत ₹10,145 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने की कीमत ₹8,303 प्रति ग्राम रही। पिछले दिन की तुलना में 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹22 की वृद्धि हुई, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत में ₹20 और 18 कैरेट सोने की कीमत में ₹16 की वृद्धि हुई। Hindi Goodreturns

हालांकि यह वृद्धि मामूली है, लेकिन यह संकेत देती है कि सोने की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में आगामी दिनों में और वृद्धि हो सकती है, क्योंकि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर की कमजोरी और निवेशकों की ओर से सोने में रुचि बढ़ रही है

दिल्ली में 10 सितंबर 2025 को सोने की कीमतें इस प्रकार थीं

यह वृद्धि पिछले कुछ दिनों की तुलना में मामूली थी, लेकिन यह संकेत देती है कि बाजार में स्थिरता बनी हुई है।


मुंबई में सोने की कीमतें

मुंबई में 10 सितंबर 2025 को सोने की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,09,409 प्रति 10 ग्राम था, जो पिछले दिन ₹1,09,475 था। इसमें ₹66 की गिरावट आई है। चांदी की कीमत भी ₹626 घटकर ₹1,24,144 प्रति किलो हो गई। r

मुंबई में 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,00,219 प्रति 10 ग्राम था, जबकि 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,09,409 प्रति 10 ग्राम था।

इस गिरावट के बावजूद, सोने की कीमतें उच्च स्तर पर बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर की कमजोरी, और निवेशकों की ओर से सोने में रुचि बढ़ने के कारण सोने की कीमतों में वृद्धि हो सकती है।

मुंबई में भी सोने की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी देखी गई

यह वृद्धि दिल्ली के मुकाबले थोड़ी कम थी, लेकिन फिर भी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है।


वैश्विक और घरेलू कारक

  1. अमेरिकी डॉलर की स्थिति
    सोने की कीमतें अमेरिकी डॉलर के मुकाबले उल्टे अनुपात में चलती हैं। जब डॉलर कमजोर होता है, तो सोने की कीमतें बढ़ती हैं, क्योंकि सोना अन्य मुद्राओं में सस्ता हो जाता है। उदाहरण के लिए, 2025 में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के कारण सोने की कीमतें रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर पहुंची हैं।

  2. ब्याज दरें और मौद्रिक नीति
    केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरें और मौद्रिक नीति सोने की कीमतों को प्रभावित करती हैं। जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो सोने में निवेश आकर्षक बनता है, क्योंकि अन्य निवेशों से कम रिटर्न मिलता है। 2025 में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों के कारण सोने की कीमतों में वृद्धि देखी गई है।

  3. वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता
    युद्ध, आतंकवाद, राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक संकट जैसे घटनाएँ निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षित करती हैं। उदाहरण के लिए, 2025 में कतर में इजरायल के हमले के बाद सोने की कीमतों में वृद्धि हुई है।

  4. केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीदारी
    जब केंद्रीय बैंक सोने की खरीदारी बढ़ाते हैं, तो सोने की कीमतों में वृद्धि होती है। 2025 में चीन और अन्य देशों के केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीदारी के कारण कीमतों में उछाल आया है।


🇮🇳 घरेलू कारक (भारत में)

  1. भारतीय रुपया और डॉलर विनिमय दर
    भारत में अधिकांश सोने का आयात डॉलर में होता है। जब भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो आयातित सोने की कीमतें बढ़ जाती हैं, जिससे घरेलू बाजार में सोने की कीमतें बढ़ती हैं।

  2. आयात शुल्क और जीएसट
    सरकार द्वारा आयातित सोने पर लगाए गए शुल्क और जीएसटी सोने की कीमतों को प्रभावित करते हैं। उच्च शुल्क और करों के कारण सोने की कीमतें बढ़ सकती हैं।

  3. त्योहारों और शादी के मौसम में मांग
    भारत में सोने की मांग त्योहारों और शादी के मौसम में बढ़ जाती है। इस बढ़ी हुई मांग के कारण सोने की कीमतें ऊंची हो सकती हैं।

  4. महंगाई दर
    महंगाई दर में वृद्धि होने पर लोग अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए सोने में निवेश करते हैं, जिससे सोने की कीमतों में वृद्धि होती है।

  5. केंद्रीय बैंक की नीतियाँ
    भारतीय रिज़र्व बैंक की नीतियाँ, जैसे विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति और मुद्रा आपूर्ति, सोने की कीमतों को प्रभावित करती हैं।

सोने की कीमतों में यह हल्की बढ़ोतरी कई वैश्विक और घरेलू कारकों के कारण हुई:


निवेशकों के लिए सलाह


1. निवेश से पहले बाजार की जानकारी लें


2. अपनी निवेश योजना स्पष्ट करें


3. विभिन्न रूपों में निवेश करें

सोने में निवेश केवल गहनों तक सीमित नहीं है। आज कई विकल्प उपलब्ध हैं:

फिजिकल गोल्ड (गहने, बार, सिक्के) – उपयोगी लेकिन स्टोरेज और सुरक्षा की चिंता रहती है।
सोने के ETF – स्टॉक मार्केट में निवेश करने का सुरक्षित विकल्प।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) – सरकार द्वारा जारी बॉन्ड, जिसमें ब्याज और टैक्स लाभ मिलता है।
डिजिटल गोल्ड – मोबाइल ऐप के माध्यम से छोटी राशि में निवेश का विकल्प।


4. लालच से बचें, धैर्य रखें


5. भरोसेमंद प्लेटफ़ॉर्म और विक्रेता का चुनाव करें


6. कर और शुल्क पर ध्यान दें


7. आर्थिक आपात स्थिति के लिए सोना बचाकर रखें


अंतिम सुझाव

सोने में निवेश एक अच्छा विकल्प है, लेकिन समझदारी, धैर्य और जानकारी के साथ किया जाए तो ही इसका लाभ मिलता है। निवेश से पहले पूरी तैयारी करें, बाजार की स्थिति पर नज़र रखें और विशेषज्ञों की सलाह लेकर ही आगे बढ़ें। सोना न केवल एक संपत्ति है, बल्कि आर्थिक सुरक्षा का साधन भी है – इसे संतुलित और योजनाबद्ध तरीके से अपनाना ही सबसे अच्छा रास्ता है।

निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे सोने में निवेश करते समय बाजार की स्थिति और वैश्विक संकेतों पर ध्यान दें। हालांकि वर्तमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन भविष्य में कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है।


10 सितंबर 2025 को दिल्ली और मुंबई में सोने की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी देखी गई, जो बाजार में स्थिरता और निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि, निवेशकों को बाजार की स्थिति पर ध्यान रखते हुए ही निवेश करना चाहिए।

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