ARAI का ADAS टेस्ट
भारत की सड़कें, यातायात और ड्राइविंग पैटर्न दुनिया में सबसे जटिल माने जाते हैं। यहाँ गाड़ियों की भीड़, दोपहिया-तीनपहिया का मिश्रण, सड़क पर जानवर, अचानक गड्ढे और अलग-अलग भाषाओं में लिखे ट्रैफिक बोर्ड – ये सभी बातें किसी भी वाहन तकनीक के लिए बड़ी चुनौती हैं।
इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए Automotive Research Association of India (ARAI) ने पुणे के तळेगांव (Takwe) क्षेत्र में देश का पहला ADAS Test City (Advanced Driver Assistance Systems टेस्ट शहर) तैयार किया है। यह भारत की सड़क सुरक्षा और स्वदेशी Self Driving Technology के लिए एक मील का पत्थर साबित होने वाला है।
ARAI क्या है?

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ARAI यानी Automotive Research Association of India की स्थापना 1966 में हुई थी।
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यह एक प्रमुख रिसर्च एवं डेवलपमेंट संस्था है, जो भारत सरकार के Heavy Industries मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करती है।
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इसका मुख्यालय पुणे (कोथरूड) में है और यह संस्थान वाहन परीक्षण, सुरक्षा मानक, प्रदूषण नियंत्रण, नई तकनीक का विकास और प्रमाणन में अग्रणी है।
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ARAI पहले से ही BS6, CNG, इलेक्ट्रिक व्हीकल और हाइब्रिड तकनीक के विकास में अहम भूमिका निभा चुका है।
ADAS Test City – कहाँ और कैसा है यह शहर?
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यह टेस्ट सिटी तळेगांव, पुणे के Takwe क्षेत्र में बनाई गई है।
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करीब 20 एकड़ क्षेत्र में फैले इस “Pseudo City” में भारतीय शहर जैसी सड़कें और ट्रैफिक परिस्थितियाँ तैयार की गई हैं।
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यहाँ पर विभिन्न प्रकार के रोड स्ट्रक्चर बनाए गए हैं:
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सीधी और घुमावदार सड़कें
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राउंडअबाउट और S-Bends
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पार्किंग ज़ोन और बैरियर्स
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मैनहोल, स्पीड ब्रेकर और गड्ढे
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ओवरहेड बैरियर्स और बूम गेट
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रोड सिग्नल और साइनबोर्ड कई भारतीय भाषाओं में लगाए गए हैं ताकि भारतीय हकीकत को दर्शाया जा सके।
ADAS Test City का उद्देश्य
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भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल ADAS परीक्षण – यूरोप या अमेरिका के मानकों से अलग भारत में तीनपहिया, दोपहिया और अनियंत्रित ट्रैफिक बड़ा फैक्टर है। यह सिटी इन परिस्थितियों में तकनीक की जाँच के लिए बनाई गई है।
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सड़क सुरक्षा में सुधार – हर साल भारत में लाखों सड़क दुर्घटनाएँ होती हैं। ADAS तकनीक जैसे Automatic Emergency Braking, Lane Departure Warning, Blind Spot Detection से दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है।
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स्वदेशी विकास को बढ़ावा – भारतीय स्टार्टअप, ऑटो कंपनियाँ और सप्लायर्स यहाँ अपने ADAS प्रोडक्ट और एल्गोरिद्म का परीक्षण कर सकते हैं।
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नियम और मानकीकरण – यह टेस्ट सिटी भविष्य के लिए भारतीय ADAS मानकों को परिभाषित करने में मदद करेगी।
तकनीकी खासियतें
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37,000 किमी भारतीय सड़क डेटा एकत्र किया गया है, जिसमें 24 राज्यों और 20 शहरों का इनपुट शामिल है। इसी डेटा को डिजिटल और वास्तविक दोनों रूप में यहाँ इस्तेमाल किया गया।
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हार्डवेयर-इन-लूप और मशीन-इन-लूप सिमुलेशन – यानी गाड़ियों और सॉफ्टवेयर को अलग-अलग स्तर पर जाँचा जा सकता है।
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डमी पैदल यात्री और जानवर – ट्रैक पर ऐसे डमी मॉडल हैं जो अचानक सड़क पर आते हैं। इससे गाड़ी के सेंसर और कैमरे की प्रतिक्रिया परखा जाता है।
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ADAS फीचर टेस्टिंग –
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Adaptive Cruise Control
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Automatic Parking
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Blind Spot Detection
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Lane Keep Assist
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Pedestrian Detection
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Traffic Sign Recognition
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Night Vision
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Driver Monitoring
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Traffic Jam Assist
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उद्घाटन और The ADAS Show 2025
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इस Test City को आधिकारिक रूप से दिसंबर 2025 में जनता और उद्योग के लिए लॉन्च किया जा रहा है।
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The ADAS Show 2025 में इसका प्रदर्शन होगा, जहाँ गाड़ियों में लगे आधुनिक ADAS फीचर का लाइव डेमो दिखाया जाएगा।
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इसमें सरकार के प्रतिनिधि, ऑटोमोबाइल कंपनियाँ, स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट भाग लेंगे।
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इस शो के जरिए भारत ADAS तकनीक के वैश्विक मानचित्र पर अपनी जगह मजबूत करेगा।
भारत और समाज पर प्रभाव
1. सड़क सुरक्षा
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भारत में हर साल लगभग 1.68 लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं।
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अगर ADAS फीचर व्यापक रूप से अपनाए जाते हैं तो यह आंकड़ा तेजी से घट सकता है।
2. आर्थिक लाभ
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अब विदेशी टेस्टिंग सॉल्यूशन पर निर्भरता कम होगी।
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स्वदेशी तकनीक से लागत कम होगी और निर्यात की संभावना बढ़ेगी।
3. रोजगार और स्टार्टअप
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नई कंपनियों को रिसर्च, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग के अवसर मिलेंगे।
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सेंसर, कैमरा, AI-सॉफ्टवेयर और डेटा एनालिटिक्स में रोजगार बढ़ेगा।
4. आत्मनिर्भर भारत
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यह प्रोजेक्ट सीधे तौर पर Atmanirbhar Bharat विज़न को मजबूत करता है।
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भविष्य में भारत न सिर्फ ADAS तकनीक का उपभोक्ता बल्कि वैश्विक निर्यातक बन सकता है।
भविष्य की दिशा
टेस्ट सिटी की विशेषताएँ
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स्थान और आकार: यह सुविधा 20 एकड़ में फैली हुई है और भारतीय सड़क नेटवर्क की नकल करने के लिए एक ‘प्सेडो सिटी’ के रूप में डिज़ाइन की गई है।
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वास्तविक सड़क संरचनाएँ: यहां गोलचक्कर, S-बेंड, पार्किंग स्थल, ओवरहेड बैरियर, मैनहोल कवर, और बूम बैरियर जैसी वास्तविक ट्रैफिक संरचनाओं की नकल की गई
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स्थानीय सड़क स्थितियाँ: यह सुविधा भारतीय सड़कों की विशिष्ट स्थितियों जैसे गड्ढे, आवारा जानवर, और अनियमित ट्रैफिक व्यवहार को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन की गई है।
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डेटा संग्रहण: ARAI ने 24 राज्यों और 20 शहरों में 37,000 किमी भारतीय सड़कों से डेटा एकत्र किया है, ताकि ADAS सिस्टम्स की परीक्षण और मान्यता भारतीय संदर्भ में की जा सके। The Times of India
ADAS शो 2025
इस सुविधा का उद्घाटन 12 दिसंबर 2025 को ‘ADAS शो’ के दौरान किया जाएगा, जिसमें वाहन निर्माता अपनी ADAS समाधानों का प्रदर्शन करेंगे। The Times of India
उद्देश्य और महत्व
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भारत-विशिष्ट समाधान: यह सुविधा भारतीय सड़क स्थितियों के अनुरूप ADAS तकनीकों के विकास और मान्यता को बढ़ावा देती है।
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स्वदेशी ADAS पारिस्थितिकी तंत्र का समर्थन: यह सुविधा स्वदेशी ADAS और स्वचालित वाहन प्रौद्योगिकी के विकास में सहायक है। सुरक्षित और नियंत्रित परीक्षण: यह सुविधा ADAS तकनीकों के परीक्षण के लिए एक सुरक्षित, नियंत्रित और पुनरावृत्तिपूर्ण वातावरण प्रदान करती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि ये सुविधाएँ वास्तविक भारतीय ड्राइविंग स्थितियों में प्रभावी रूप से कार्य करती हैं।
ARAI के बारे में
ARAI, जो भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त निकाय है, पुणे में स्थित है और यह भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग के लिए अनुसंधान, विकास और परीक्षण सेवाएँ प्रदान करता है।
यह ADAS टेस्ट सिटी भारत में सुरक्षित और स्मार्ट मोबिलिटी समाधानों के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारतीय सड़क स्थितियों के अनुरूप ADAS तकनीकों की मान्यता और परीक्षण को सक्षम बनाती है।
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आने वाले वर्षों में यहाँ स्वचालित (Autonomous) वाहनों का भी परीक्षण होगा।
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भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल Level-3 और Level-4 Self Driving Cars विकसित करने में यह सिटी आधार बनेगी।
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संभावना है कि भविष्य में भारत के अन्य हिस्सों में भी ऐसे टेस्ट सिटी बनाए जाएँ।
पुणे का ARAI ADAS Test City सिर्फ एक टेस्ट ट्रैक नहीं है, बल्कि यह भारत की सड़क सुरक्षा, तकनीकी आत्मनिर्भरता और भविष्य की मोबिलिटी का प्रतीक है।
स्वदेशी तकनीक के विकास से न केवल दुर्घटनाएँ कम होंगी बल्कि भारत वैश्विक स्तर पर ADAS और Self Driving वाहनों की रेस में भी आगे बढ़ेगा।
दिसंबर 2025 में होने वाला The ADAS Show भारत की इस नई उपलब्धि को दुनिया के सामने पेश करेगा और आने वाले दशक में यह शहर भारत के परिवहन क्षेत्र में क्रांति लाने की नींव साबित होगा।
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